पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के लोगों का भारतीय नागरिक बनना अब आसान नहीं, बदला ये नियम
नई दिल्ली। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के लोगों के लिए भारत का नागरिक बनना अब बहुत आसान नहीं रहेगा। इन तीनों देशों के लोग अगर भारत की नागरिकता चाहेंगे, तो उनको अब नए नियम का पालन करना होगा। गृह मंत्रालय ने नागरिकता संबंधी नियम में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के लोगों को भारत की नागरिकता लेने के लिए अपने देश के पासपोर्ट के बारे में जानकारी देना जरूरी किया गया है। इन तीनों देशों के लोगों को भारत की नागरिकता देने के काम में पारदर्शिता और सख्ती के लिए ये नियम बदला गया है।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में बताया गया है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के मौजूदा नागरिकों को भारत का निवासी बनने के लिए पासपोर्ट डिटेल के अलावा पहचान, विदेश यात्रा का इतिहास और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। गृह मंत्रालय के मुताबिक तीनों देशों के नागरिकों को भारतीय नागरिकता देने में किसी गड़बड़ी रोकने के लिए ये बदलाव किया गया है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के जो लोग भारत की नागरिकता चाहते हैं, उनको बताना होगा कि उनके पास जो पासपोर्ट है, उसकी अवधि खत्म हुई है या नहीं। साथ ही पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख और जगह व उसकी अवधि खत्म होने की तारीख भी बतानी होगी।
गृह मंत्रालय के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के जो लोग भारत की नागरिकता चाहते हैं, उनको आवेदन मंजूर होने के 15 दिन में अपने देश का पासपोर्ट जमा करना होगा। इससे भारत की नागरिकता चाहने वाले इन तीन देशों के आवेदकों की पहचान के साथ ही उनके बारे में और जानकारी जुटाना आसान होगा। तीनों देशों के लोगों के दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है। नागरिकता नियम में इससे पहले 11 मार्च 2024 को बदलाव किया गया था। वहीं, मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन एक्ट यानी सीएए पास कराया है। जिसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न के कारण आए हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी धर्म मानने वालों को आसानी से भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।
