‘सीट के आधार पर गठबंधन नहीं’, यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का कांग्रेस को सीधा संदेश!
नई दिल्ली। यूपी विधानसभा चुनाव अगले साल यानी 2027 में होने जा रहे हैं। इसकी वजह से यूपी में सियासत गर्माई हुई है। एक तरफ बीजेपी जहां यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तमाम कोशिश कर रही है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) भी सत्ता से बीजेपी को हटाने के लिए ताल ठोक रही है। अब सपा के मुखिया और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने बताया है कि यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी या कांग्रेस के साथ।
अमर उजाला अखबार के कार्यक्रम में कांग्रेस से गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने सीधा संदेश देते हुए कहा कि पहले भी गठबंधन किए हैं। समाजवादियों ने हमेशा दूसरों को फायदा दिया, कभी धोखा नहीं दिया। अखिलेश ने कहा कि यूपी में जो गठबंधन है, वो जारी रहेगा। उन्होंने ये जरूर साफ कर दिया कि कांग्रेस से गठबंधन में सीट का आधार नहीं होगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सवाल सीट नहीं जीत का था। वही फॉर्मूला रहेगा। सीट की संख्या के आधार पर गठबंधन नहीं होगा। अखिलेश यादव से ये भी पूछा गया कि क्या वो राहुल गांधी के साथ यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचार करेंगे? अखिलेश यादव ने इस पर खुलकर कुछ भी नहीं कहा।
अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में गठबंधन किया था। सपा ने 62 और कांग्रेस ने 17 सीट पर प्रत्याशी उतारे थे। सपा को 37 और कांग्रेस को यूपी में लोकसभा की 6 सीट मिली थीं। इसकी वजह से लोकसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए को झटका लगा था। बात करें 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव की, तो 403 सीट में से बीजेपी ने 255, सपा ने 111 और कांग्रेस ने 2 ही सीटें जीती थीं। जबकि, 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें हासिल की थीं। वहीं, सपा को सिर्फ 47 और कांग्रेस को 7 सीट हासिल हुई थीं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को शायद लग रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव जैसा ही बेहतर प्रदर्शन उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में करेगी। वहीं, बीजेपी का दावा है कि सपा समेत सभी विपक्षी दल उसके आगे ध्वस्त हो जाएंगे।
