अमेरिका प्रतिबंध लगाए या नहीं, रूस से लेते रहेंगे कच्चा तेल, भारत ने कर दिया स्पष्ट
नई दिल्ली। भारत ने स्पष्ट कर दिया है वो रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बहुत सी साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका चाहे प्रतिबंध लगाए या नहीं हम रूस से तेल लेते रहेंगे। इस बीच अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने संबंधी प्रतिबंधों में जो अस्थाई छूट दी थी उसे 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। रूसी तेल खरीद की अनुमति वाली अमेरिका की यह अस्थाई छूट 16 मई को खत्म हो गई थी। वहीं भारत सरकार ने कहा है कि छूट मिले या न मिले इससे तेल उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका पिछले काफी समय से भारत पर लगातार यह दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था कि वो रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदे। हालांकि जब भारत अमेरिकी दबाव में नहीं आया तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ थोप दिया था। अमेरिका का कहना है कि रूस कच्चे तेल बेच कर उस पैसे का प्रयोग यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर रहा है। उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार यह ऐलान कर चुके हैं कि उनके लिए देश और लोगों का हित सर्वोपरि है। ईंधन आपूर्ति और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जो भी हितकारी कदम होंगे वो उठाए जाएंगे चाहे उसके लिए कुछ भी करना पड़े।
उधर, रूस का कहना है कि वो भारत को उसकी जरूरत के हिसाब से बिना किसी दबाव के तेल आपूर्ति करता रहेगा। 2022 में जब यूक्रेन पर रूस ने हमला किया तो उसके बाद से भारत ने रूस से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल खरीदना शुरू किया था। रूस से आने वाला तेल अब भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है। भारत लगातार यह कहता आ रहा है कि अपनी जरूरत के आधार पर जहां से उसे सस्ता तेल मिलेगा वो खरीदेगा।
