किसी भी वैश्विक दबाव में बदलने वाली नहीं है भारत की ऊर्जा नीति, भारत की स्पष्ट प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में जवाब देते हुए कहा है कि हमारी विदेश नीति किसी भी वैश्विक दबाव में आकर बदलने वाली नहीं है। रूस से तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विधेयक के संबंध में मीडिया के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से यह प्रतिक्रिया दी गई। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम प्रस्तावित विधेयक की चर्चा से पूरी तरह अवगत हैं और इससे संबंधित सभी मुद्दों और घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
जायसवाल ने आगे कहा कि मैं यह बताना चाहता हूं कि ऊर्जा स्रोतों के संबंध में हम अपना दृष्टिकोण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। वैश्विक बाजार की स्थितियों और माहौल को ध्यान में रखते हुए, भारत की अनिवार्यता अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को किफायती कीमतों पर पूरा करने की है। इन्हीं कारकों के आधार पर हम अपनी रणनीति और नीति निर्धारित करते हैं। भारत की ऊर्जा नीति किसी वैश्विक दबाव में नहीं बदलेगी। हमारा ध्यान इस बात पर केंद्रीय है कि हम अपने लोगों को सस्ती कीमत पर ऊर्जा उत्पाद मुहैया कर सकें।
अमेरिकी कांग्रेस लाई है सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 बिल
आपको बता दें कि अमेरिकी में रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 बिल लाया गया है। इस बिल के प्रावधानों के तहत जो भी देश रूस से तेल या यूरेनियम जैसी चीजों को खरीदेंगे उन पर अमेरिका 500 फीसदी तक टैरिफ लगाएगा। इस बिल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी भी मिल चुकी है। अगले सप्ताह इस बिल पर वोटिंग होने की संभावना है।
