डागर बंधुओं का गीत चुराने के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट की संगीतकार एआर रहमान को नसीहत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर संगीतकार एआर रहमान को नसीहत दी है कि वो अन्य अन्य कलाकारों के प्रति सम्मान और उदारता दिखाएं। एआर रहमान पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म ‘पोन्नियन सेलवन-2’ के गाने ‘वीरा राजा वीरा’ को चुराया है। ध्रुपद गायक फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने दावा किया है कि उनके पूर्वजों ने इस गीत को तैयार किया। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्य बागची ने की। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने एआर रहमान से कहा कि वो डागर बंधुओं के योगदान को स्वीकार करें। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि ये विवाद सिर्फ कॉपीराइट या कानूनी अधिकारों तक सीमित नहीं है।
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि ये मामला किसी कलाकार की पहचान और विरासत से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शास्त्रीय संगीत की परंपरा को सहेजने वाले कलाकारों के लिए उदारता दिखाई जानी चाहिए। क्योंकि संगीत का हित इसमें है कि इस तरह के मामलों को सहमति और सम्मान से सुलझाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि शास्त्रीय गायक फैयाज वसीफुद्दीन डागर के पूर्वजों का ‘डागरवाणी’ परंपरा और ध्रुपद गायकी में बड़ा योगदान रहा है। कोर्ट ने एआर रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि शास्त्रीय संगीत के गायक अक्सर कॉमर्शियल कंपीटिशन से दूर रहते हैं। ये उनका सम्मान और कला की पहचान है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर इन पारंपरिक घरानों ने शास्त्रीय संगीत की नींव नहीं रखी होती, तो आज के आधुनिक गायकों और संगीतकारों के लिए मुकाम हासिल करना भी मुमकिन नहीं होता। सीजेआई की बेंच ने संगीतकारों के बीच आपसी संवाद की कमी पर खेद भी जताया। वहीं, एआर रहमान के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये रचना 1991 में गुंडेचा बंधुओं ने सार्वजनिक कार्यक्रम में पेश किया था। अन्य मंचों पर भी इस गीत को प्रस्तुति किया गया। इस पर कभी आपत्ति नहीं जताई गई। उन्होंने रहमान से निर्देश लेने के लिए समय मांगा है। फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि उनके पूर्वजों डागर बंधुओं ने गीत की बंदिश की थी, लेकिन एआर रहमान ने फिल्म में गीत लेने के बावजूद उनको श्रेय नहीं दिया।
