आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब आसान नहीं, जानिए यूआईडीएआई का नया नियम क्या?
लखनऊ। आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना अब आसान नहीं रह गया है। अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने के नियम को सख्त किया गया है। अमर उजाला अखबार ने ये खबर दी है। कई जगह जन्म की असल तारीख और साल की जगह आधार कार्ड में उम्र को कम दिखाने का मामला सामने आ चुका है। अब तक लोग जन्म से संबंधित नया दस्तावेज देकर आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवा सकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आधार कार्ड जारी करने वाले यूआईडीएआई के डिप्टी डायरेक्टर जनरल प्रशांत कुमार सिंह ने अखबार को बताया कि अब आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट में ही संशोधन को जरूरी किया गया है। अलग बर्थ सर्टिफिकेट को अब आधार में जन्मतिथि बदलाव के लिए मान्य नहीं माना जाएगा।
बर्थ सर्टिफिकेट में खास रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। अगर आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवानी है, तो बर्थ सर्टिफिकेट में पहले जन्मतिथि बदलवानी होगी। यानी बर्थ सर्टिफिकेट का रजिस्ट्रेशन नंबर पहले वाला ही रहेगा। अब अगर कोई आधार कार्ड धारक जन्मतिथि का नया सर्टिफिकेट जमा करेगा, तो उसे मंजूर नहीं किया जाएगा। पहले जारी बर्थ सर्टिफिकेट में जन्मतिथि बदलवाना आसान नहीं है। अलग जन्मतिथि से संबंधित प्रमाण मांगे जाते हैं। ऐसे में अन्य दस्तावेजों मसलन 10वीं बोर्ड के सर्टिफिकेट में दर्ज जन्मतिथि और आधार कार्ड में जन्मतिथि का अब अलग होना मुश्किल बना दिया गया है। अब आधार कार्ड में अलग जन्मतिथि दिखाकर सरकारी नौकरी या परीक्षा वगैरा में खेल नहीं किया जा सकेगा।
अखबार की खबर के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि आधार कार्ड में बदलाव के लिए दिए जाने वाले आवेदनों में से 80 फीसदी जन्मतिथि के होते हैं। पहले यूआईडीएआई ने नियम बनाया था कि लोग एक से ज्यादा बार खुद जन्मतिथि नहीं बदलवा सकते। एक से ज्यादा बार जन्मतिथि बदलवाने के लिए आधार कार्ड संबंधी यूएडीएआई के जोनल दफ्तर जाना होता था। इसके बाद भी लोग अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट बनवाकर आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवा लेते थे। इसी पर रोक लगाने के लिए नया नियम लाया गया है। यूआईडीएआई ने बीते दिनों ही आधार का नया एप जारी किया है। जिसके जरिए धारक खुद मोबाइल नंबर और पता वगैरा बदलवा सकता है। पता बदलने के लिए यूआईडीएआई प्रमाण मांगता है। जिसे ऑनलाइन दाखिल करने पर पता बदल दिया जाता है।
