बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी ने वोटों की गिनती में गड़बड़ी का लगाया आरोप, बीएनपी छात्र संगठन ने यूनिवर्सिटीज में दूसरे दलों के समर्थक छात्रों को हॉस्टलों से निकाला
ढाका। बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के बाद नया संकट पैदा होने के आसार दिख रहे हैं। चुनाव में बहुत कम सीटें हासिल करने वाली कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने आरोप लगाया है कि वोटों की गिनती में गड़बड़ी की गई। जमात का दावा है कि बांग्लादेश संसदीय चुनाव के वोटों की गिनती में गड़बड़ी किए जाने के उसके पास दस्तावेजी सबूत हैं। संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने जीत दर्ज की है। उसके नेता तारिक रहमान पीएम बनने वाले हैं। उधर, चुनाव के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत कई जगह यूनिवर्सिटीज में भी हिंसा की खबरें आई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संसदीय चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद उसके छात्र संगठन जातियोताबादी छात्र दल के सदस्यों ने ढाका यूनिवर्सिटी, राजशाही यूनिवर्सिटी और जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी के कैंपस और हॉस्टलों पर कब्जा जमा लिया। बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया ने बताया है कि बीएनपी के छात्र संगठन के लोगों ने इन यूनिवर्सिटीज में जमात-ए-इस्लामी और अन्य दलों का समर्थन करने वाले छात्रों के हॉस्टल वाले कमरों से सामान बाहर फेंककर कब्जा कर लिया है। कई जगह दूसरे दलों के छात्रों से बीएनपी के छात्र संगठन के सदस्यों के संघर्ष की भी खबर है। मीडिया को पीड़ित छात्रों ने बताया कि बांग्लादेश संसदीय चुनाव के नतीजे आने के बाद उनका सामान हॉस्टलों से बाहर फेंका गया।
उधर, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने दूसरे दलों के समर्थक छात्रों से जबरन हॉस्टल खाली कराए जाने के आरोपों को गलत बताया है। बीएनपी का कहना है कि छात्रों के बीच सुरक्षा और व्यवस्था कायम रखने की कोशिश की गई है। बीएनपी के प्रवक्ता ने कहा कि अवामी लीग के शासन में उसके छात्र लीग ने कैंपस में आतंक मचा रखा था। अब बीएनपी का छात्र संगठन कैंपसों में शांति का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है। उधर, जमात-ए-इस्लामी के संगठन छात्र शिबिर ने बीएनपी के छात्र संगठन के कदम को फासीवादी करार देते हुए विरोध जताने का एलान किया है। इससे आने वाले वक्त में बांग्लादेश में नए सिरे से कानून और व्यवस्था खराब होने के आसार दिख रहे हैं। बीएनपी को बांग्लादेश संसदीय चुनाव में 212 सीट पर जीत मिली है। जबकि, जमात-ए-इस्लामी के 76 प्रत्याशी जीतकर संसद पहुंचे हैं।
