हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता, माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर हुए विवाद पर खुलकर बोले योगी आदित्यनाथ
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए कांग्रेस और सपा पर जोरदार तरीके से हमलावर रहे। माघ मेले में स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों का पुलिस प्रशासन से हुए विवाद पर भी योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर टिप्पणी की। योगी ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता। मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा। योगी ने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर वो शंकराचार्य थे तो क्यों वाराणसी में आपने लाठीचार्ज किया था, क्यों एफआईआर दर्ज की थी? आप नैतिकता की बात करते हैं।
सीएम ने आगे कहा कि जहां पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु आए हों वहां पर श्रद्धालुओं के स्नान करने के बाद जो बाहर निकलने का एग्जिट गेट बनाया गया था अगर वहां से कोई अंदर जाने का प्रयास करता है तो उससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती, ऐसा करने वाला श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है, एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता। सपा के लोगों को पूजना है तो पूजें लेकिन हम मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं, कानून का पालन करना और करवाना दोनों अच्छी तरह जानते हैं। सीएम ने कहाक कि लोकमाता के नाम पर, शंकराचार्य के नाम पर, SIR के नाम पर या किसी अन्य के नाम पर समाज को गुमराह करना बंद करिए।
योगी ने सपा, कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि ये लोग बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन करते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं। माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं। संसद में कांग्रेस और सपा के नेताओं ने कहा है कि वंदे मातरम नहीं गाएंगे। योगी ने कहा कि जो व्यक्ति वंदे मातरम का विरोध करता है उसे कान पकड़कर बाहर कर देना चाहिए। वंदे मातरम का विरोध करने वालों को हिंदुस्तान की धरती पर रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यूपी के नौजवान का कोई शोषण करेगा तो उल्टा टंगवा दिया जाएगा। योगी बोले, अचानक प्रदेश का वातावरण खराब नहीं हुआ था, अचानक नहीं हुआ था। यही आचरण था, जिस आचरण से बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था। उसकी एक झलक अभिभाषण के दौरान भी यहां पर देखने को मिल रही थी और वह किसी भी स्थिति में मुझे नहीं लगता है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति उसको स्वीकार करेगा। योगी ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि मैं आपकी सभी बातों का जवाब भी दूंगा और जो ग़ालिब ने भी कहा था कि ‘उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पे थी और आईना साफ़ करता रहा’।
