अयोध्या हाईवे पर खून से लाल सड़क: माफिया नेटवर्क से जुड़े शूटर शोएब उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े हत्या
घेरकर बरसाईं गोलियां, 10 मिनट तक गूंजती रही फायरिंग — गैंगवार या बदले की पटकथा?
रविन्द्र बंसल –
बाराबंकी। अपराध जगत से जुड़ा एक बड़ा नाम शुक्रवार को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़ा बताया जाने वाला शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी उस समय हमले का शिकार हो गया, जब वह अयोध्या हाईवे पर अलोना मोड़ के पास लखनऊ की ओर जा रहा था।
हमलावरों ने ऐसी बेरहमी दिखाई कि कार को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां दागीं—कुछ ही पलों में सड़क रणभूमि में बदल गई और बॉबी गोलियों से छलनी होकर सीट पर ही ढेर हो गया।
वारदात का तरीका: पेशेवर कातिलों की तरह हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार बदमाश अचानक कार के पास पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग की आशंका
हमलावरों ने बेहद नजदीक से निशाना साधा
वारदात के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी, लोग जान बचाकर भागे
घायल शोएब को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का प्रमाणिक वर्जन –
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या पूरी तरह सुनियोजित लगती है।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए
आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं
हमलावरों की तलाश में कई टीमें गठित
प्रारंभिक जांच में गैंगवार, पुरानी रंजिश और आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई—तीनों एंगल पर समानांतर जांच चल रही है। पुलिस ने अभी किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कौन था शोएब उर्फ बॉबी: खौफ का दूसरा नाम
बताया जाता है कि शोएब एक हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंग गतिविधियों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे।
सूत्रों के अनुसार—
वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी सूची में था
संगठित अपराध के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका मानी जाती थी
पुराने मामलों को लेकर उसकी कई दुश्मनियां भी बताई जाती हैं
अपराध जगत में उसकी पहचान एक ऐसे शूटर की थी, जो खतरनाक ऑपरेशनों से जुड़ा रहा।
क्या यह गैंगवार का खुला ऐलान?
दिनदहाड़े हाईवे पर हुई इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या अपराध जगत में फिर से वर्चस्व की जंग तेज हो रही है?
क्या यह बदले की कार्रवाई थी?
या फिर किसी बड़े आपराधिक समीकरण का हिस्सा?
जिस अंदाज में हमला हुआ, उसने साफ संकेत दिया कि हमलावर डराने नहीं, खत्म करने आए थे।
कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल-
व्यस्त हाईवे पर खुलेआम गोलियां चलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अपराधियों का यह दुस्साहस बताता है कि उन्हें पकड़ से बच निकलने का भरोसा था।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है।
आगे की चुनौती-
यह हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि प्रदेश में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की परछाईं भी मानी जा रही है। अब निगाहें पुलिस पर टिकी हैं—
क्या हमलावर जल्द सलाखों के पीछे होंगे या यह वारदात किसी नए गैंग संघर्ष की शुरुआत साबित होगी?
फिलहाल, खून से सनी हाईवे की वह दोपहर कानून-व्यवस्था के सामने एक कड़ा सवाल छोड़ गई है।
