महाराष्ट्र में मालेगांव की डिप्टी मेयर ने दफ्तर में लगाई टीपू सुल्तान की तस्वीर, छिड़ गया सियासी संग्राम
मालेगांव। महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम में डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने अपने दफ्तर में मैसूर के शासक रहे टीपू सुल्तान का चित्र लगाया है। इससे विवाद पैदा होने के साथ ही सियासी दलों में बयानबाजी की जंग भी छिड़ गई है। बीजेपी और शिवसेना ने डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की फोटो लगाने पर जोरदार आपत्ति की है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि मालेगांव की डिप्टी मेयर ने हिंदू विरोधी टीपू सुल्तान की फोटो लगाई है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और बाबासाहेब अंबेडकर की फोटो गायब हैं। सुनिए उन्होंने और क्या कहा।
उधर, महाराष्ट्र में बीजेपी विरोधी दलों एआईएमआईएम और शिवसेना-यूबीटी ने टीपू सुल्तान की फोटो के मसले पर बीजेपी और आरएसएस का विरोध किया है। महाराष्ट्र एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने हमेशा भारत की आजादी के आंदोलन में हिस्सा लेने वालों का विरोध किया है। वारिस पठान ने साथ ही सवाल दागा कि बीजेपी और आरएसएस मुस्लिमों से घृणा क्यों करते हैं। वहीं, शिवसेना-यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर टीपू सुल्तान की फोटो से सरकार को आपत्ति है, तो सीएम को फोटो हटाने का आदेश देना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि बहस में क्यों पड़ना और माहौल क्यों खराब करना।
बीजेपी की साथी शिवसेना के पार्षदों ने मालेगांव के डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी किया। उन्होंने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर टीपू सुल्तान की फोटो हटाने की मांग की है। उस दौरान डिप्टी मेयर से शिवसेना पार्षदों की काफी बहस भी हुई। वहीं, डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद का कहना है कि तस्वीर पर बेवजह सियासत हो रही है। उन्होंने मीडिया से कहा कि फोटो लगाई गई है। अगर उसे खराब होने से बचाने के लिए मरम्मत करनी होगी, तो उसे हटाया जा सकता है। डिप्टी मेयर ने कहा कि बाद में हम अपनी सोच के मुताबिक फिर फोटो लगाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने अदालतों में दाखिल हलफनामों में टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ने वाला बताया है।
