महेंद्र सिंह धोनी को मद्रास हाईकोर्ट ने 10 लाख रुपए जमा करने का दिया निर्देश, जानिए क्या है मामला?
नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनके मद्रास हाईकोर्ट ने 10 लाख रुपए भुगतान 12 मार्च तक करने का दिया निर्देश दिया है। दरअसल धोनी ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी संपत कुमार के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मामला दर्ज कराया था। 2013 में आईपीएल सट्टेबाजी पर एक निजी टेलीविजन पर बहस के दौरान संपत कुमार ने आरोप लगाया था कि सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी सट्टेबाजी मामले से जुड़े हुए हैं। धोनी ने संपत के इस आरोप से अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल होने की बात कहते हुए मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर संपत कुमार से 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी।
धोनी के द्वारा अदालत में मामले से संबंधित सीडी जमा की गई थी। कोर्ट ने सीडी के कंटेट को लिखित प्रतिलेख में परिवर्तित करने का आदेश दिया था। सीडी कंटेंट के ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद खर्च के लिए 10 लाख रुपए धोनी को जमा करने होंगे। कोर्ट ने पाया कि इस काम में एक अनुवादक और एक टाइपिस्ट दोनों को अपना पूरा समय देना होगा, जिसमें लगभग तीन से चार महीने लगेंगे। कोर्ट ने कहा कि अनुवादित दस्तावेजों की प्रतिलिपि बनाने में अतिरिक्त खर्च आएगा और इसकी कुल राशि 10 लाख रुपए तय की जो धोनी को जमा करनी होगी।
न्यायमूर्ति आर.एन. मंजुला ने कहा कि आम तौर पर वादी यानी को खुद ही यह काम कराकर दस्तावेज कोर्ट में जमा करने होते हैं, लेकिन इस केस में विशेष परिस्थितियों के कारण कोर्ट के आधिकारिक इंटरप्रेटर को लगाना पड़ा है। तदनुसार, न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता धोनी को 12 मार्च तक मुख्य न्यायाधीश राहत कोष में अनुवाद शुल्क के रूप में 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। अनुवादक और टाइपिस्ट को मार्च के तीसरे सप्ताह तक प्रतिलेखण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है और मामले की सुनवाई 12 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
