संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने एसआईआर को बनाया मुद्दा, मोदी सरकार का बीमा में एफडीआई बढ़ाने समेत 12 अहम बिल पास कराने का इरादा
नई दिल्ली। आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार बीमा क्षेत्र को 100 फीसदी विदेशी निवेश के लिए खोलने, गुटखा और सिगरेट वगैरा पर अतिरिक्त सेस लगाने समेत 12 बिल पास कराने की तैयारी में है। वहीं, विपक्ष ने चुनाव आयोग की तरफ से चलाए जा रहे वोटरों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर संसद में आवाज उठाना तय कर लिया है। विपक्ष की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक में सरकार से कहा भी गया था कि वो एसआईआर पर चर्चा चाहता है।
इससे पहले जब चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर कराया था, उस समय जारी संसद सत्र में भी विपक्ष ने इस पर चर्चा की मांग की थी। सरकार की ओर से एसआईआर पर चर्चा न कराने के कारण उस वक्त विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। यहां तक कि एसआईआर के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक विपक्ष के सांसदों ने मार्च निकालने की कोशिश की थी। इस बार विपक्ष ने एसआईआर को इसलिए मुद्दा बनाया है, क्योंकि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों में फिलहाल जारी एसआईआर के दौरान कई जगह बीएलओ की आत्महत्या और अचानक मौत की घटनाएं हुई हैं।
विपक्ष चाहता है कि एसआईआर बंद करा दिया जाए। विपक्ष का ये भी कहना है कि एसआईआर से राज्यों में उसके वोटरों का नाम काटा जा रहा है। विपक्ष की बड़ी नेता और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तो साफ कहा है कि अगर एसआईआर में एक भी वोटर का नाम काटा गया, तो वो बड़ा आंदोलन करेंगी। जाहिर है, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सांसदों की तरफ से भी एसआईआर का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा। बीते दिनों ही टीएमसी के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने इस बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात भी की थी। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस और आरजेडी के विपक्षी गठबंधन की हार हुई, उसे आधार बनाकर कांग्रेस वोट चोरी का अपना मुद्दा भी संसद सत्र में उठा सकती है।
