पहलगाम में पर्यटकों पर हमला मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ, संयुक्त राष्ट्र की सख्त प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के बाद हर तरफ लोगों में गुस्सा है। भारत के साथ-साथ अन्य देश भी इस हमले की निंदा कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी इसको लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि किसी भी स्थिति में नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक की ओर से महासचिव का बयान जारी किया गया। इससे पहले भारत में संयुक्त राष्ट्र रेजिडेंट समन्वयक शोम्बी शार्प ने कहा था कि हम इस जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा करते हैं और आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार और लोगों के साथ खड़े हैं। हम उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
उधर, फ्रांस के गृह मंत्री फ्रांस्वा-नोएल बफेट ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि मैं फ्रांस सरकार की ओर से इस घटना के विरोध में अपना दुख, अपना गुस्सा और आतंकवाद के खिलाफ भारत से एकजुटता व्यक्त करता हूं। इस तरह की घटनाओं के सामने, हमें एकजुट रहने की आवश्यकता है। हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आने की जरूरत है। उधर, डोडा के निजी स्कूल एसोसिएशन के द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करने के लिए शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। इसमें बहुत से टीचर और गैर-शिक्षण कर्मचारी शामिल हुए।
वहीं राजौरी में विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और इसके लिए पाकिस्तान और उसके स्थानीय समर्थकों को दोषी ठहराया। प्रोटेस्ट में शामिल लोगों ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से मांग की और आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा।
