‘पेपर लीक पर कांग्रेस का अभियान असरदार नहीं…पार्टी को सोचना चाहिए क्या कमी रही’, शशि थरूर ने अपनी पार्टी को आईना दिखाया
मुंबई। कांग्रेस के लोकसभा सांसद अपनी पार्टी को आईना दिखाने वाले बयान देने के लिए चर्चा में रहते आए हैं। अब शशि थरूर ने एक बार फिर कांग्रेस को आईना दिखा है। मुंबई में शुक्रवार को आईआईएमयूएन के कार्यक्रम में गए शशि थरूर ने माना कि जिन मुद्दों पर सीजेपी ने बड़ा आंदोलन किया, उनको कांग्रेस पहले ही उठा चुकी थी। थरूर ने कहा कि राहुल गांधी का पेपर लीक के खिलाफ अभियान भी छात्रों की दिक्कतों पर केंद्रित था, लेकिन कांग्रेस की मुहिम इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुकाबले असरदार नहीं रही।
शशि थरूर ने कहा कि अगर युवा किसी मुद्दे पर सड़क पर उतर रहे हैं और सियासी पार्टियां उसी मुद्दे को पहले ही उठा चुके हैं और फिर भी उनकी आवाज लोगों तक ठीक से नहीं पहुंच रही। ऐसे में पार्टी को खुद से सवाल पूछना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ और क्या कमी रह गई। थरूर ने कहा कि पार्टी को विचार करना चाहिए कि क्या संदेश देने में, अभियान के तरीके में या युवाओं से जुड़ने के अंदाज में कोई कमी रह गई? शशि थरूर ने कहा कि क्या हम सुनने में नाकाम रहे, क्या जेन जी की नब्ज पर हमारी अंगुली नहीं थी?
बता दें कि पेपर लीक के मसले को राहुल गांधी और कांग्रेस काफी वक्त से उठा रहे हैं। नीट यूजी पेपर लीक के बाद से राहुल गांधी और कांग्रेस ने इस पर ‘छात्रों की गूंज’ नाम से अभियान भी शुरू किया। 12 मई को दिल्ली में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन भी किया था। फिर 17 जून को राहुल गांधी राजस्थान के कोटा गए थे। वहां छात्रों और उनके परिवार के लोगों से बात की थी। फिर राहुल गांधी पेपर लीक का मुद्दा लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून भी पहुंचे, लेकिन सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन में राहुल गांधी नहीं पहुंचे। इस पर सवाल उठे और कहा गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को दूसरे के हाथ देना नहीं चाहती, तो कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर जाकर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर समर्थन भी दिया। बाद में जब वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की, तो कांग्रेस के कुछ नेताओं ने तंज कसे। जिस पर सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया पर पलटवार भी किया।
