‘मैंने कांग्रेस पर हमला नहीं किया’, मीडिया पर आरोप लगाकर शशि थरूर ने दी सफाई
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीते दिनों मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के मुकाबले कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ को जेन जी का उतना समर्थन नहीं मिला। अब इस मामले में शशि थरूर ने मीडिया पर आरोप लगाते हुए सफाई दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि आईआईएमयूएन के कार्यक्रम में ऋषभ शाह से हुई बातचीत कांग्रेस पर हमला नहीं था।
शशि थरूर ने पूरी बातचीत का वीडियो साझा करते हुए मीडिया पर आरोप लगाया है कि उनके बयान को कांग्रेस या उसके नेतृत्व पर हमला बताना कुछ मीडिया वालों की नाकामी और बुरी नीयत का नतीजा है। उन्होंने अपनी ओर से जारी वीडियो को देखने और खुद तय करने के लिए कहा और साथ ही जोड़ा कि इसे इस तरह से पेश करने वाले किसी पत्रकार ने नहीं किया है। शशि थरूर ने 7 अगस्त को मुंबई में कार्यक्रम के दौरान ये पूछे जाने कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन जितना समर्थन क्यों नहीं मिला? पर कहा था कि ये सही बात है। इसलिए हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में फेल रहे। थरूर ने ये भी कहा था कि क्या हम जेन जी की नब्ज समझने में नाकाम रहे।
शशि थरूर ने कार्यक्रम में ये भी कहा था कि सभी विपक्षी दलों को ये ध्यान में रखना होगा कि उन्होंने उन लोगों के लिए अपनी पार्टियों में आने का रास्ता नहीं बनाया, जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में शामिल थे। कांग्रेस सांसद ने ये भी कहा था कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम ने वही मुद्दे उठाए, जो सीजेपी ने उठाए थे। बता दें कि शशि थरूर पहले भी अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं। बीते साल कांग्रेस नेतृत्व से उनके टकराव की खबरें आई थीं। उस वक्त शशि थरूर ने कहा था कि अगर मेरे लिए पार्टी के पास कोई काम नहीं, तो और भी काम करने को हैं। दरअसल, उस वक्त कांग्रेस की ओर से लोकसभा में शशि थरूर को किसी मुद्दे पर बोलने नहीं दिया जा रहा था। फिर ऑपरेशन सिंदूर के मसले पर मोदी सरकार ने जब थरूर को विदेश भेजा, तो कांग्रेस के तमाम नेताओं ने उन पर निशाना भी साधा था।
