वंदे मातरम् के दौरान सोनिया और खरगे के वीडियो पर सियासत गर्माई, बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना तो जयराम रमेश ने ‘कुर्सी’ की सफाई दी
नई दिल्ली। कांग्रेस दफ्तर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम् के गायन के वक्त सोनिया गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच अचानक चर्चा होने लगी। सोनिया गांधी किसी को हाथ से रोकने जैसी कोशिश करती दिखीं। इस पर सियासी तूफान खड़ा हुआ है। बीजेपी ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में ‘कुर्सी’ की बात कहकर सफाई दी है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस दफ्तर में सोनिया गांधी और खरगे के बीच चर्चा पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं। अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने भी वंदे मातरम् को रोकने का संकेत दिया, लेकिन उन्हें जारी रखने के लिए कहा गया। अमित मालवीय ने लिखा है कि दशकों से गांधी परिवार और कांग्रेस की ऐसे भारत की अवधारणा के साथ असहजता दिखाई देती रही है, जो अपनी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों में दृढ़ता से निहित हो। उन्होंने निशाना साधा और लिखा कि विडंबना देखिए कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ये असहजता फिर सामने आ गई।
वहीं, इस मामले में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता जयराम रमेश ने मीडिया से बातचीत में सफाई दी है। जयराम रमेश ने कहा कि इंदिरा भवन में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया और इसमें कोई विवाद नहीं है। उन्होंने वंदे मातरम् रोकने की कोशिश के आरोपों को गलत बताया। जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे काफी देर से खड़े थे। इसलिए सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं। बता दें कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगातार दूसरे साल भी शामिल नहीं हुए। साल 2024 में राहुल गांधी के बैठने की जगह पर विवाद के बाद से दोनों नेताओं ने लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम से दूरी बनाई हुई है।
