‘कुछ लोगों को देश को डराने में मजा आता है…दिमागी नक्सली अराजकता फैलाने की फिराक में’, स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन में पीएम मोदी ने कहा
नई दिल्ली। आजादी की 80वीं सालगिरह पर शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने बतौर पीएम 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बीते 12 साल में देश को मिली उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही अलग-अलग मुद्दे उठाकर देश में भय पैदा करने वाले तत्वों को भी निशाने पर लिया। पीएम मोदी ने एलान किया कि भारत में 5 परमाणु रिएक्टर बनाए जाएंगे। साथ ही अगले 5 से 7 साल का रोडमैप बताया और उसमें युवाओं की भागीदारी की बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि दिमाग से नक्सली विचारधारा के लोग अराजकता फैलाने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि इनको आइसोलेट करना होगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सोचा भी नहीं था कि हमें कुछ समस्याओं को झेलना होगा। उन्होंने कहा कि 12 साल के दौर में कोरोना जैसी दुनिया को चिंता में डालने वाली महामारी झेली। कोरोना के बाद कहीं यूक्रेन, तो कहीं पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को तो सिर्फ देश को डराने में मजा आता है। कोरोना वैक्सीन नहीं मिलेगी, ये नहीं होगा, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी, डीजल नहीं मिलेगा, खाद नहीं मिलेगी। ऐसे लोगों को देश को डराने में मजा आ रहा था, लेकिन देश ने देख लिया की हमने नागरिक देवो भवः के मंत्र से जिस तरह योजनाओं को आगे बढ़ाया, उससे देश को कोई समस्या नहीं हुई। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सभी हैं।
पीएम मोदी ने लाल किले से एलान किया कि भारत में 5 नए परमाणु रिएक्टर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ये हमारी गलत सोच की वजह से है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर रखा। समुद्र में जाकर तेल-गैस की तलाश न करने का फैसला किया। उन्होंन बताया कि मेरी सरकार ने नो गो वाले 99 फीसदी इलाके को खुला कर दिया। तेल और गैस की खोज के लिए समुद्र मंथन की घोषणा की और हाल ही में 85000 करोड़ रुपए आवंटित कर उसे आगे बढ़ाया। पीएम मोदी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भारत खुद को सुरक्षित करने में जुटा है। कई देश हम पर भरोसा कर रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा दुनिया की मांग है। इसके लिए जरूरी जरिया परमाणु ऊर्जा है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 10-12 साल में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया, वो आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है। एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका, अब हमें लक्ष्य हासिल करके रहना है। उन्होंने कहा कि जो काम बीते पांच दशक में नहीं हुए, उनको करने में 5 से 7 साल लगे।
