कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार की मौत, 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में हुई थी उम्रकैद की सजा
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व नेता और सांसद रहे सज्जन कुमार की 84 साल की उम्र में मौत हो गई है। सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा हुई थी। सज्जन कुमार को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट में सज्जन कुमार ने सजा को चुनौती दी थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक सज्जन कुमार को मृत हालत में लाया गया था। सज्जन कुमार ने इस साल अप्रैल में बीमार पत्नी से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन अर्जी ठुकरा दी गई थी। सज्जन कुमार को सिख विरोधी दंगों के एक मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया था, लेकिन जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या में भूमिका के लिए दोषी ठहराया था। सज्जन कुमार को भीड़ को उकसाने का दोषी पाया गया था। सीबीआई ने जांच में पाया था कि पुलिस के साथ मिलकर सज्जन कुमार का नाम हटाने की साजिश हुई।
कोर्ट की ओर से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर सज्जन कुमार ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सज्जन कुमार का जन्म 23 सितंबर 1945 को हुआ था। सज्जन कुमार ने सिर्फ मैट्रिक तक पढ़ाई की थी। 1977 में सज्जन कुमार को दिल्ली नगर निगम का पार्षद चुना गया था। इसके बाद सज्जन कुमार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। साल 1980 में सज्जन कुमार को बाहरी दिल्ली के वोटरों ने लोकसभा सांसद चुना था। इसके बाद साल 2004 में सज्जन कुमार ने इसी सीट से जीत हासिल की थी। सज्जन कुमार को स्व. इंदिरा गांधी के बेटे स्व. संजय गांधी का बहुत करीबी माना जाता था।
