August 27, 2026

Hind foucs news

hindi new update

सीडीएस अनिल चौहान ने इस्लामी नाटो को भारत के लिए बड़ा खतरा बताया; पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने किया है मक्का समझौता

नई दिल्ली। बीते दिनों पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का समझौता किया है। इसे नाटो का इस्लामी संस्करण बताया जा रहा है। भारत के पूर्व सीडीएस रिटायर्ड जनरल अनिल चौहान ने इस पर चिंता जताई है। एक कार्यक्रम में पूर्व सीडीएस ने कहा कि जब तक मक्का समझौता ये नहीं कहता कि इसे भारत के खिलाफ नहीं किया गया, उस वक्त तक हमें यही मानना चाहिए कि ये भारत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तीनों देशों के मक्का समझौते से भारत की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का समझौता में ये तय किया है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे बाकी दोनों देशों पर भी हमला माना जाएगा। तीनों देशों ने किसी एक पर हमले की स्थिति में एक-दूसरे की सैन्य मदद करने का समझौता किया है। खबर ये भी आ रही है कि भारत का एक और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश भी मक्का समझौता में शामिल होना चाहता है। पाकिस्तान पहले से ही भारत का अहम दुश्मन है। वहीं, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ गई हैं।

तुर्की की बात करें, तो वो पहले से ही पाकिस्तान की सैन्य सहायता कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त तुर्की के बनाए हजारों ड्रोन से पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश की थी। हालांकि, पाकिस्तान के तुर्की निर्मित हर ड्रोन को भारत के डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया था। तुर्की की सेना के कई मालवाहक विमान बीते दिनों इस्लामाबाद और कराची एयरबेस पर उतरे थे। माना जा रहा है कि तुर्की ने इन विमानों के जरिए पाकिस्तान को नए हथियार भेजे हैं। पाकिस्तान को भारत के एक और दुश्मन चीन से भी सैन्य सहायता मिलती है। वहीं, अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सरकार और वहां के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर की खूब तारीफ की है। ऐसे में भारत के लिए सुरक्षा की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं। वैसे मक्का समझौते में शामिल सऊदी अरब की भारत से हमेशा दोस्ती रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *