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यूपी में 60 साल की महिलाएं रोडवेज बसों में कर सकेंगी फ्री यात्रा, योगी कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पास

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नई दिल्ली। यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को एक बड़ा तोहफा प्रदान किया है। अब 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं यूपी रोडवेज की बसों में आजीवन फ्री यात्रा कर सकेंगी। इसके लिए उनको कोई टिकट नहीं लेनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश की लगभग एक करोड़ माताएं, बहनें लाभान्वित होंगी। महिलाओं को अपनी उम्र सत्यापन के लिए आधार या वोटर कार्ड दिखाना होगा। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में 23 अन्य अहम प्रस्ताव भी पास हुए हैं।

योगी कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

– यूपी परिवहन विभाग को 425 करोड़ की लागत से 250 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की मंजूरी दी गई है। इन बसों में कुछ 42-सीटर और कुछ 52-सीटर मॉडल वाली होंगी।

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– प्रदेश सरकार के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि की गई है। स्टाइपेंड 12000 से बढ़ाकर 25000 कर दिया गया है।

– यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार का प्रस्ताव भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इस काम में 10,761 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

– सुल्तानपुर में औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत लगभग 272.25 करोड़ रुपये की लागत से आईएमएलसी का विकास होगा।

– पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।

– झांसी लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट का विकास प्रस्ताव पास हो गया है। इसके निर्माण में लगभग 7,968.30 करोड़ की लागत आने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे 106 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।

– जो छात्र साल 2025-26 में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, उनको इसके लिए एक और मौका मिलेगा और लगभग 3.16 लाख अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को इसका लाभ होगा।

– माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए निगम का गठिन होगा। अगर कोई संतान अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करती है तो उसे संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा। टोल फ्री नंबरों के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी। आदेश के बावजूद अगर वो संतान अपने माता-पिता की संपत्ति खाली नहीं करता है तो प्रशासन 30 दिन के अंदर कार्रवाई करेगा।

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