कांग्रेस सांसद-जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम नौकरी से बर्खास्त, छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में एक्शन
नई दिल्ली। छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) ने बड़ा एक्शन लेते हुए प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। जेएनयू ने इस मामले की जांच के लिए एक आतंरिक समिति गठित की थी। इंटरनल कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर अकोइजाम को तुरंत प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है। वाइस चांसलर शांतिश्री डी. पंडित की ओर से जारी आदेश में यह बताया गया है कि जांच समिति ने प्रोफेसर अकोइजाम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।
जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में कार्यरत प्रोफेसर अकोइजाम के खिलाफ यूनिवर्सिटी की 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं ने कुछ समय पहले विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकरण सामने आने के बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा। दिल्ली महिला आयोग ने इस का स्वत: संज्ञान लेते हुए जेएनयू प्रशासन से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विरोध प्रदर्शन हुए थे और प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
जेएनयू प्रशासन ने इस विवाद पर इंटरनल कमेटी बनाई जिसने जांच में प्रोफेसर अकोइजाम पर लगे आरोपों में सत्यता पाई और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिए जाने की सिफारिश भी की। उधर, प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम शुरू से ही इस मामले में खुद को बेकसूर बता रहे हैं। प्रोफेसर अकोइजाम का कहना है कि उनके ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो सभी झूठे और यह उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है। बता दें कि प्रोफेसर अकोइजाम 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे जिसमें उनकी जीत हुई थी और वो लोकसभा सांसद चुने गए थे।
