‘नीट यूजी के लिए प्रयासों और उम्र की सीमा तय हो’, कांग्रेस सांसद की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की सरकार से सिफारिश
नई दिल्ली। अब तक नीट यूजी परीक्षा के लिए आयुसीमा नहीं है। नतीजे में तमाम बुजुर्ग भी नीट यूजी परीक्षा देते देखे जाते हैं। अब शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि नीट यूजी परीक्षा के लिए भी उम्र और प्रयासों की सीमा सरकार तय करे। कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को एनटीए में सुधार करने के बारे में दाखिल अपनी 382वीं रिपोर्ट में ये सिफारिश की है।
द प्रिंट के मुताबिक समिति ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि उसे ये बताया गया कि नीट यूजी परीक्षा देने की कोई सीमा तय नहीं है। न ही नीट यूजी के लिए ऊपरी उम्र की सीमा ही तय की गई है। जिसकी वजह से 70 साल से ज्यादा उम्र के लोग भी नीट यूजी परीक्षा दे रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति सिफारिश करती है कि शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और अन्य सभी संबंधित पक्ष साथ मिलकर नीट यूजी सहित सभी बड़ी परीक्षा के लिए उम्र और कोशिश की सीमा तय करने की संभावना पर विचार करे। संसदीय समिति ने इसके अलावा सिफारिश की है कि नीट यूजी की परीक्षा ऑफलाइन की जगह कम्प्यूटर से कराई जाए। इसके अलावा ये सिफारिश भी की गई है कि सभी परीक्षा केंद्र सरकारों के स्वामित्व और संचालन में हो।
संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि नीट यूजी परीक्षा के लिए बुनियादी व्यवस्था इस तरह की हो कि परीक्षार्थियों खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वालों को नुकसान न हो। समिति ने अभ्यर्थियों की यात्रा और रहने का खर्च घटाने के लिए हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश भी की है। बता दें कि केंद्र सरकार ने नीट यूजी परीक्षा अधिकतम तीन बार देने और 25 साल की ऊपरी आयु सीमा तय की थी। आरक्षित वर्ग के लिए ऊपरी उम्र सीमा 30 साल रखी गई थी, लेकिन 2017 में ही सुप्रीम कोर्ट ने उम्र सीमा तय करने के बारे में दखल दिया। कोर्ट में ये मामला लटका और उस दौरान उम्र सीमा से ज्यादा के अभ्यर्थियों को अस्थायी तौर पर नीट यूजी का फॉर्म भरने की मंजूरी दी गई। फिर नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने मार्च 2022 में अधिकतम उम्र की सीमा हटाई थी।
