चुनाव आयोग ने जारी की दिल्ली और महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, जानिए दोनों जगह कितने लोगों के नाम कटे
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में वोटरों का गहन विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया था। एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली और महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। दोनों राज्यों में बड़ी तादाद में वोटरों का नाम चुनाव आयोग ने काटा है। अब दोनों राज्यों में जिन लोगों का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे 30 सितंबर तक दावा कर सकते हैं। वहीं, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दिए गए नाम को हटाने के लिए भी इसी तारीख तक आपत्ति दाखिल की जा सकती है।
दिल्ली की बात करें, तो चुनाव आयोग के एसआईआर के बाद 4756722 वोटरों के नाम एसआईआर के बाद आई वोटर लिस्ट में नहीं हैं। दिल्ली में पहले 1.45 करोड़ वोटर थे। एसआईआर के बाद अब 9753507 वोटरों के नाम रह गए हैं। जबकि, महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं। महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के एसआईआर से पहले करीब 9.78 करोड़ वोटर थे। चुनाव आयोग के मुताबिक दोनों राज्यों में मृत, दूसरी जगह शिफ्ट कर गए और दोहरी जगह नाम वाले वोटरों को काटा गया है। दोनों राज्यों की फाइनल वोटर लिस्ट 6 नवंबर 2026 को जारी होगी।
चुनाव आयोग ने सबसे पहले बिहार में एसआईआर की शुरुआत की थी। जिसके बाद पश्चिम बंगाल और यूपी समेत कई राज्यों में एसआईआर कराया गया। इसके बाद 13 राज्यों और कई केंद्र शासित क्षेत्रों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया इस साल दिसंबर तक जारी रहने वाली है। चुनाव आयोग के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा था कि संविधान के तहत मिले अधिकारों के कारण चुनाव आयोग को एसआईआर कराने का अधिकार है। ताकि नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट में चढ़े और गैर भारतीय चुनाव में वोट न डाल सकें। चुनाव आयोग ने भी कोर्ट में यही दलील दी थी।
