बीजेपी शासित इस राज्य में भी यूसीसी लागू करने की तैयारी, गृहमंत्री अमित शाह ने 2029 तक की तय की है डेडलाइन
भुवनेश्वर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों में 2029 तक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की डेडलाइन तय की है। शाह के इस बयान से सियासत गर्माई है। वहीं, खबर है कि ओडिशा की बीजेपी सरकार भी यूसीसी लाने की तैयारी कर रही है। खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के यूसीसी लागू करने के बारे में दिए गए राय पर अमल करते हुए अन्य राज्यों में लागू यूसीसी के आधार पर ओडिशा में भी इसे लागू करने की तैयारी हो चुकी है।
ओडिशा सरकार का विधि विभाग यूसीसी के लिए रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जस्टिस की अध्यक्षता में पांच से छह सदस्यों की कमेटी बनाने की तैयारी कर रही है। अब तक जिन बीजेपी शासित राज्यों में यूसीसी लागू हुई है या तैयारी है, वहां के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटियों ने ड्राफ्ट तैयार किया है। माना जा रहा है कि ओडिशा सरकार भी राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस रंजना देसाई से ही ड्राफ्ट बनवा सकती है। कमेटी में ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस, एक पूर्व आईएएस, एक समाजसेवी और विधि विभाग के अफसर को भी रखा जाएगा।
अब तक जिन राज्यों में यूसीसी लागू हुआ है, वहां शादी, तलाक, गोद लेने, भरण-पोषण और विरासत संबंधी सभी कानून सभी समुदायों और वर्गों के लिए एक समान हो गया है। यूसीसी लागू होने के बाद किसी भी समुदाय का पर्सनल लॉ लागू नहीं होता। सिर्फ आदिवासियों पर यूसीसी लागू नहीं किया जा रहा है। ताकि उनकी परंपरा को किसी तरह का नुकसान न हो। बीजेपी शासित उत्तराखंड में 2025 से यूसीसी लागू है। जबकि, गुजरात की बीजेपी सरकार ने मार्च 2026 में यूसीसी बिल पास कराया है। असम विधानसभा से मई 2026 में यूसीसी बिल पास हो चुका है। यूसीसी पास करने वाला असम पूर्वोत्तर का पहला राज्य है। मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भी जुलाई 2026 में यूसीसी बिल पास कराया है। जबकि, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और राजस्थान की बीजेपी सरकारों ने यूसीसी बिल तैयार करने के लिए कमेटियां बनाई हैं।
