इमरान खान की पार्टी पीटीआई के 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आतंकवाद रोधी अदालत का आदेश
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को इस्लामाबाद की एक आतंकवाद रोधी अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी और पीटीआई के 24 अन्य सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश दिया है। जस्टिस अबुल हसनात मुहम्मद जुल्करनैन ने पुलिस के अनुरोध को मंजूरी देते हुए संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को अगले आदेश तक इन लोगों के पासपोर्ट ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है। जांच अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए ये आरोपित देश छोड़कर भाग सकते हैं।
जांच अधिकारी की ओर से कोर्ट में यह दलील दी गई कि आरोपियों पर सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं अदालत ने इस बात पर भी संज्ञान लिया कि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। इसके अलावा जिन आरोपियों को मामले में अंतरिम जमानत मिल चुकी है वो भी जांच में शामिल नहीं हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों के पासपोर्ट ब्लॉक किए गए हैं उनमें पीटीआई के वरिष्ठ नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर, शहराम खान तारकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब, मुहम्मद इकबाल अफरीदी, डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक, जुबैर वजीर, अरशद उमरजई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान समेत अन्य नेताओं का नाम है।
आपको बता दें कि अदालत का यह आदेश ऐसे समय पर आया है जब पीटीआई 27 सितंबर से देशभर में प्रदर्शन करने जा रही है। पिछले महीने की शुरुआत में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने यह ऐलान किया था कि कहा कि अगर इमरान खान को जल्द न्याय नहीं मिला तो तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थक 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च करेंगे। उन्होंने शहबाज शरीफ सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि 30 मिनट में इमरान खान को जेल से बाहर निकाल सकते हैं।
