मक्का पर ड्रोन दागने के सऊदी अरब के दावे को हूती ने किया खारिज
नई दिल्ली। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों की जंग जारी है। इस बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि हूतियों ने पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन दागा हालांकि सऊदी रॉयल एयर डिफेंस फोर्सेज ने हूतियों के ड्रोन को इंटरसेप्ट कर उसे नष्ट कर दिया। सऊदी ने बताया कि मक्का के हवाई क्षेत्र को निशाना बनाने की हूतियों की यह दूसरी कोशिश थी। वहीं दूसरी तरफ हूतियों ने सऊदी अरब के इस दावे को गलत बताते हुए कहा है कि उन्होंने मक्का पर ड्रोन अटैक नहीं किया। सऊदी अरब ने जेद्दा, आभा और जाजान शहरों में इमरजेंसी घोषित करते हुए अलर्ट जारी किया हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है।
सऊदी सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ऐसे हमलों का सख्ती से जवाब दिया जाएगा। हूतियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं हूती नेता हाजेम अल-असद ने एक्स पर लिखा, मक्का को निशाना बनाए जाने का सऊदी का दावा पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है। इस तरह का दावा सऊदी के द्वारा पहले भी किया जा चुका है। वहीं मक्का को लेकर सऊदी अरब की ओर से जारी बयान के बीच तमाम मुस्लिम संगठन गुस्से में हैं और हूतियों की निंदा कर रहे हैं। इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा था कि सऊदी अरब के फाइटर जेट्स ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमलों को अंजाम दिया। दो बच्चों समेत तीन नागरिकों के मारे जाने और दो अन्य लोगों के घायल होने की भी बात कही गई है।
हूती विद्रोहियों ने यमन के पश्चिमी तट और लाल सागर के मुहाने पर मौजूद पेरिम द्वीप को अपने कब्जे में ले लिया है। हूतियों के हमलों की वजह से लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हूती के खिलाफ सऊदी अरब ने इजरायल से सहायता मांगी है।
