पहली बार यूक्रेन-रूस विवाद पर भारत ने साफ किया अपना पक्ष, कही ये बात
नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच की तनातनी ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है।दोनों देशों के बीच तीसरे विश्व युद्ध होने की संभावना से सभी परेशान है। हाल ही में रूस ने अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाते हुए सीमा पर सात हजार जवान बॉर्डर पर तैनात किए हैं। इस बात का दावा खुद अमेरिका ने किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि रूस-यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले को अंजाम देने के कगार पर है। तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच सभी देश अपना पक्ष रख रहे हैं। अब मामले पर भारत ने भी अपना रुख साफ किया है।
भारत ने अपना रुख किया साफ
बता दें कि यूक्रेन और रूस की तनातनी भारत को भी प्रभावित कर रही है। दरअसल भारत बड़े पैमाने पर यूक्रेन के साथ व्यापार करता है। अगर जंग ज्यादा बड़ी तो कही ना कही भारत को भी इससे नुकसान होगा। फिलहाल अब मामले पर भारत ने अपना रुख साफ किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत की तरफ से बयान जारी किया गया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि तनाव की परिस्थितियों से जितना बचा जाना चाहिए, उतना बचा जाए। सभी देश मिलकर परिस्थितियों को टालने की कोशिश करें। मामला चिंताजनक है और कूटनीति के सहारा लेकर ही मामले को सुलझाया जा सकता है।
छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
भारत ने अपने बयान में ये भी दावा किया कि वो हर पार्टी के साथ है। मामले पर भारत ने अपना बयान बैलेंस रखा है। इसके अलावा प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा हमारा पहला मुद्दा है। तनाव को शांत करने के लिए मंथन की जरूरत है। दोनों ही देशों को मामले को सुलझाने के लिए कूटनीति की जरूरत है।
