जेल में बंद कुलभूषण मामले में आई बड़ी खबर, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आगे झुकी पाकिस्तान
नई दिल्ली। भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा है। दरअसल पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने गुरुवार को ‘इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (रिव्यू एंड री-कन्सीडरेशन) ऑर्डिनेंस 2020’ को स्वीकृति दे दी है। जिसके बाद अब पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव जल्द ही सजा-ए-मौत के फैसले के खिलाफ अपील कर सकेंगे। इस बिल के मुताबिक, पाकिस्तान की जेलों में सजायाफ्ता विदेशी कैदी (जिन्हें मिलिट्री कोर्ट्स ने सजा सुनाई है) ऊपरी अदालतों में अपील कर सकेंगे।
‘समा न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को कानून मंत्री फरोग नसीम ने यह बिल संसद में पेश किया। अब यह बिल सीनेट के पास जाएगा। अगर वहां से मंजूरी मिलती है तो राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद यह कानून बन जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। इसके कुछ ही समय बाद भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच से पाकिस्तान द्वारा मना करने और मौत की सजा को चुनौती देने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पिछले वर्ष जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा की प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार करना चाहिए और उसे बिना देरी किए भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए। पाकिस्तान द्वारा पहली राजनयिक पहुंच गत वर्ष दो सितम्बर में प्रदान की गई थी।
पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को उसके सुरक्षा बलों ने तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था जहां उन्होंने ईरान से कथित तौर पर प्रवेश किया था। वहीं भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके व्यापारिक हित थे।
