उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख हुई तय, जानिए गंगोत्री-यमुनोत्री और बदरीनाथ मंदिरों में कब से कर सकेंगे दर्शन
ऊखीमठ। गर्मी का मौसम आने को है। साथ ही उत्तराखंड के चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के मंदिर खुलने की तारीख भी तय हो गई है। महाशिवरात्रि पर्व पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तारीख मंदिर के रावल जगद्गुरु भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में तय हुई। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 की सुबह खुलेंगे। 19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की चल उत्सव डोल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से फाटा के लिए निकलेगी। 20 अप्रैल को गौरीकुंड में रात्रि विश्राम के बाद 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ मंदिर पहुंचेगी।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के एक दिन बाद 23 अप्रैल को चारधाम यात्रा के एक और प्रसिद्ध तीर्थ बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट सुबह सवा छह बजे खोले जाएंगे। वहीं, इससे पहले 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर चारधाम यात्रा के दो और तीर्थस्थल गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी खुल जाएंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने का मुहूर्त बाद में मंदिर समिति तय करेगी। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में पहले श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। जिसके बाद श्रद्धालु केदारनाथ और फिर भगवान बदरी विशाल के दर्शन-पूजन करते हैं। कई श्रद्धालु सिर्फ भगवान केदारनाथ और भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। इनमें पहले केदारनाथ और फिर बदरीनाथ के दर्शन करने का विधान है।
साल 2025 में 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। जबकि, 2024 में 4.35 श्रद्धालु उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर पहुंचे थे। चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का अब रजिस्ट्रेशन होता है। चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों से किया जाता है। इस बार प्रशासन ने केदारनाथ, बदरीनाथ मंदिरों में सोशल मीडिया रील बनाने पर पूरी तरह रोक लगाई है। केदारनाथ और बदरीनाथ में पहले कई बार रील बनाने की वजह से विवाद की स्थिति पैदा हुई थी। सभी मंदिरों में प्रशासन मोबाइल फोन और कैमरे रखने की व्यवस्था करने वाला है। चारधाम यात्रा के दौरान सभी मंदिरों के भीतर पहले से ही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगी हुई है।
