अमेरिका से युद्ध टालने के लिए ईरान ने दिया नया ऑफर, कहा- ये शर्त मानो तो परमाणु समझौते के लिए तैयार
तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों एक बार फिर ईरान को धमकी दी थी। ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि अगर ईरान से समझौता नहीं होता, तो उनके पास दूसरी योजना है। ट्रंप ने ये भी कहा था कि हम 47 साल तक ईरान से बात करते रहे और इस दौरान लोग मारे जाते रहे। ट्रंप ने इससे पहले भी ईरान को बड़े हमले की चेतावनी दी थी। अब ईरान के विदेश उप मंत्री मजीद तख्त रवांची ने अमेरिका से समझौता करने के लिए नया ऑफर दिया है। ईरान के विदेश उप मंत्री ने कहा कि अगर प्रतिबंध में राहत के लिए अमेरिका बातचीत के वास्ते तैयार हो, तो उनका देश भी परमाणु समझौते पर विचार कर सकता है।
ईरान के विदेश उप मंत्री मजीद रवांची ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि अब अमेरिका के पाले में गेंद है। अगर अमेरिका ईमानदारी दिखाए, तो ईरान से समझौते का रास्ता बन सकता है। इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई और अन्य नेताओं व फौज के अफसरों ने साफ कहा था कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो खाड़ी देशों में उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने ये चेतावनी भी दी थी कि अमेरिका के हमले से पूरे खाड़ी इलाके में जंग होगी। अमेरिका के विमानवाहक पोतों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। उधर, अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रूबियो ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। रूबियो ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होंगे।
मार्को रूबियो ने ये भी कहा कि ट्रंप कूटनीतिक समाधान चाहते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में बातचीत हुई थी। जिसमें ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने बातचीत की थी। ईरान ने बताया था कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर ही अमेरिका के प्रतिनिधियों ने बातचीत की। ईरान ने ये भी कहा था कि वो परमाणु ईंधन संवर्धन को शांतिपूर्ण कार्यों के लिए ही रखने की गारंटी देने के लिए तैयार है। उस पर से आर्थिक प्रतिबंध हटने चाहिए। वहीं, ट्रंप ये साफ कर चुके हैं कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ना होगा। ईरान इस पर राजी नहीं है। खबरों के मुताबिक ईरान के पास 400 किलो यूरेनियम 235 है। जो 60 फीसदी तक संवर्धित है। परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम 235 का 90 फीसदी तक संवर्धन जरूरी होता है। ईरान और अमेरिका में अब मंगलवार को स्विटजरलैंड में बातचीत होनी है।
