J&K: कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को बड़ा खतरा, आतंकी संगठन ने जारी की 56 की लिस्ट
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सरकारी विभागों में काम कर रहे पंडितों की लिस्ट सार्वजनिक हो गई है। ये लिस्ट आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के ब्लॉग में दी गई है। इससे इन पंडितों की जान को खतरा पैदा हो गया है। बीजेपी ने लिस्ट जाहिर होने की जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की है। बता दें कि पहले भी कश्मीरी पंडितों की टारगेट किलिंग होती रही है। टीआरएफ के आतंकी राहुल भट जैसे सरकारी कर्मचारियों की हत्या कर चुके हैं। अब लिस्ट आउट होने से सरकारी विभागों में काम कर रहे पंडित कर्मचारियों को बचाने के लिए सरकार को बड़े पैमाने पर कदम उठाने पड़ेंगे।
सरकारी विभागों में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारी पहले भी खुद को घाटी से हटाकर जम्मू क्षेत्र में तैनात करने की मांग कर चुके हैं। अपनी मांग को मनवाने के लिए उन्होंने काफी दिन तक प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सरकार ने उनको सुरक्षा देने की बात कही थी। अब लिस्ट जारी होने से कश्मीरी पंडितों को घाटी के सरकारी दफ्तरों से शिफ्ट करने के अलावा फिलहाल कोई और रास्ता सरकार के पास बचता नहीं दिख रहा। इस काम को तुरंत करना होगा, वरना टीआरएफ के आतंकी इनकी जान ले सकते हैं।
कश्मीर घाटी में 370 को खत्म करने के बाद से लश्कर और जैश के आतंकी लगातार मारे जा रहे हैं। बदले में उन्होंने कश्मीरी पंडितों और प्रवासी मजदूरों की हत्या करने का काम शुरू किया है। ये सिलसिला इस साल से काफी बढ़ा है। आतंकी छिपकर आते हैं और छोटे हथियारों और ग्रेनेड से हमला कर लोगों की जान लेते हैं। यूपी और बिहार के तमाम प्रवासी मजदूरों पर हमले हुए हैं। इनमें लोगों को जान गंवानी पड़ी है। सरकार ने हालांकि सुरक्षा पुख्ता होने के दावे हर बार किए, लेकिन हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
