June 27, 2026

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BBC Documentary On Modi: चीन की कंपनी से पैसा लेकर बीबीसी ने बनाई PM मोदी विरोधी डॉक्यूमेंट्री!, महेश जेठमलानी का संगीन आरोप

नई दिल्ली। गुजरात दंगे और पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका पर बीबीसी ने डॉक्यूमेंट्री बनाई। इस डॉक्यूमेंट्री में तमाम लोगों ने दावा किया कि मोदी की गुजरात दंगों में संदिग्ध भूमिका है। केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री को बैन कर दिया। फिर भी तमाम यूनिवर्सिटीज में छात्रों ने इसे देखने के लिए हंगामा किया। अब मोदी के खिलाफ बनी इस डॉक्यूमेंट्री के मामले में बीबीसी खुद सवालों के घेरे में है। ब्रिटेन में कई सांसद मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री का मुद्दा उठाकर बीबीसी पर हमलावर हो चुके हैं। अब बीजेपी के सांसद और वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने बीबीसी पर संगीन आरोप लगाया है। महेश जेठमलानी ने आरोप लगाया है कि बीबीसी ने चीन की कंपनी से पैसा लेकर मोदी और भारत विरोधी डॉक्यूमेंट्री बनाई है।

महेश जेठमलानी का आरोप है कि चीन की मोबाइल बनाने वाली कंपनी हुआवे ने बीबीसी को डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए पैसा दिया। बीबीसी ने इस पैसे से मोदी की छवि खराब करने का काम किया है। मशहूर वकील और केंद्र सरकार में मंत्री रहे स्वर्गीय राम जेठमलानी के बेटे महेश ने ट्वीट कर सवाल उठाया है कि बीबीसी भारत विरोधी क्यों है। बीबीसी पर पहले भी जम्मू-कश्मीर के बिना भारत का नक्शा जारी करने का आरोप लग चुका है। 2021 में इस वजह से बीबीसी को माफी भी मांगनी पड़ी थी। अब उसने ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ नाम की डॉक्यूमेंट्री बनाई है और यूट्यूब पर डाली है। इस डॉक्यूमेंट्री का दूसरा पार्ट 24 जनवरी को बीबीसी जारी करने वाला है। खास बात ये भी है कि हुआवे से 5जी के लिए इक्विपमेंट लेने पर मोदी सरकार ने प्रतिबंध भी लगाया था। ऐसे में बीबीसी के साथ हुआवे का नाम जुड़ने से शक तो गहराता ही है।

बीबीसी की मोदी विरोधी डॉक्यूमेंट्री में ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री रहे जैक स्ट्रॉ और सांसद लॉर्ड आदम पटेल के बयान भी हैं। आदम पटेल मूल रूप से गुजराती हैं। वो भी मोदी विरोधी माने जाते हैं। जबकि, जैक स्ट्रॉ पर आरोप लगता रहा है कि उन्होंने इराक के पास महाविनाशक हथियार होने की झूठी बात कही। जिसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने इराक पर हमला किया था। गोधरा कांड और गुजरात दंगों को हुए 21 साल बीत चुके हैं। अगले साल लोकसभा चुनाव हैं। इससे ठीक पहले बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री जारी होना तमाम सवाल खड़े तो कर ही रहा है।

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