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Pulwama Terror Strike: पुलवामा हमले की चौथी बरसी पर आज जैश ने रची थी कश्मीर घाटी में बड़े अटैक की साजिश

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श्रीनगर। पुलवामा आतंकी हमले की चौथी बरसी पर आज जम्मू-कश्मीर में बड़ा हमला करने की साजिश थी। इस साजिश का भंडाफोड़ सुरक्षाबलों ने किया है। सुरक्षाबलों ने सोमवार को इस साजिश को नाकाम कर दिया। साजिश के तहत पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से काफी तादाद में हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पुलवामा में हथियारों की ये खेप पहुंचाई जानी थी। जिसकी जानकारी मिलने के बाद सेना और पुलिस ने विशेष टीम गठित की। सूत्रों के मुताबिक पुलवामा हमले की बरसी पर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया जाना था।

विशेष टीम ने जांच शुरू की और नायना भटपोरा इलाके में स्कूटी पर जा रहे दो युवकों को रोका। इनके पास बैग था। बैग में चीन में बने 25 ग्रेनेड, 1 पिस्टल, 2 मैगजीन, 230 कारतूस, एके-47 की 10 मैगजीन और 300 कारतूस बरामद किए गए। पकड़े गए जैश के ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान नायना निवासी शौकत अहमद डिगू के तौर पर की गई है। दूसरा नाबालिग है और सेंथर का रहने वाला है। शौकत ने पूछताछ में बताया कि राजौरी जेल में बंद एक और ओवरग्राउंड वर्कर अहमद बट से वो संपर्क में था। उसने बताया कि जैश को हथियार पहुंचाए जाने थे। शौकत ने ये भी बताया कि वो और उसका साथी जैश के आतंकियों को रसद पहुंचाने का काम भी करते रहे हैं।

पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ की बस को आतंकियों ने विस्फोटक लदी कार से निशाना बनाया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। कई अन्य घायल भी हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद का हाथ इन हमलों में सामने आया था। जिसके बाद मोदी सरकार के आदेश पर वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में जैश के बड़े ट्रेनिंग सेंटर पर एयर स्ट्राइक की थी और वहां ठहरे आतंकियों और उनके आकाओं को मार गिराया था। आज पुलवामा में श्रद्धांजलि सभा है। माना जा रहा है कि इसी दौरान वहां फिर आतंकी वारदात करने की जैश ने साजिश रची थी।

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