आखिर कब तक हमारे सैनिक आतंक की भेंट चढ़ते रहेंगे ?
जयपुर, छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा के अरनपुर में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) फोर्स को लेकर जा रहे वाहन पर नक्सलियों द्वारा घात लगाकर एक सोची समय समझी रणनीति के तहत आईडी हमला किया गया एवं फल स्वरूप डीआरजी के 10 जवान एवं उनको ले जा रहे गाड़ी के ड्राइवर हमले में वीरगति को प्राप्त हुए. 26 अप्रैल दिन के 11 बजे यह मुठभेड़ की घटना हुई. अरनपुर के जंगलों में, गाड़ी को किराये पर लिया गया था.
पूर्व सैनिक नरेंद्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद गुर्जर ने कल हुए कायराना छुपकर किए गए नक्सली हमले की निंदा करते हुए दुख जताया एवं ऐसे नक्सली हमला रोक नहीं पाने में सरकारों की लापरवाही के साथ-साथ खुफिया तंत्र की कमी पर इशारा किया . उन्होंने बताया कि हमारी सुरक्षा एजेंसी एवं खुफिया तंत्र अपना काम मुस्तैदी से करने के बावजूद भी ऐसे हमलों को रोकने में असफल रहने का मुख्य कारण देश की सुरक्षा से जुड़े हुए मुद्दों पर राजनीतिक एकता की कमी बताया. कर्नल ने उम्मीद जताई कि राजनीतिक नेतृत्व इसकी जिम्मेवारी स्वीकार करते हुए देश को यकीन दिलाय कि भविष्य में इस प्रकार के नक्सली हमलों पर विराम लगेगा.
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सुरक्षाबलों की तरफ से नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही थी. वहीं नक्सलियों की तरफ से भी लगातार घात लगाकर हमले किए जा रहे हैं. पिछले महीने बीजापुर में माओवादियों के लगाए प्रेशर IED की चपेट में आकर CAF के एक जवान शहीद हो गए थे . इससे पहले 9 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ था. मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक और बैरल ग्रेनेड लॉन्चर बरामद किया गया था. एनकाउंटर में 5 से 6 नक्सली ज़ख़्मी हुए हैं.
