ईरान ने कुवैत पर अचानक बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया, अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बदले में इस्लामी देश का पलटवार
कुवैत सिटी। ईरान ने सोमवार को फिर कुवैत पर बड़े पैमाने का मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। कुवैत की न्यूज एजेंसी KUNA के मुताबिक पूरे देश में मिसाइल हमलों के सायरन बजने शुरू हुए। कुवैत की सेना और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मिलकर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की कोशिश की। खबर लिखे जाने तक ये जानकारी नहीं आई थी कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले के कारण कुवैत में किसी तरह का नुकसान हुआ है या नहीं। ईरान ने बीते दिनों भी कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे, लेकिन उन सभी हमलों को नाकाम किया गया था।
खाड़ी के अन्य देशों की तरह कुवैत में भी अमेरिकी सेना के अड्डे हैं। अमेरिका से 39 दिन तक चले युद्ध के दौरान ईरान की आईआरजीसी ने कुवैत पर बड़े हमले किए थे। ईरान के हमलों से कुवैत में कच्चे तेल का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने बताया है कि ईरान की ओर से सैन्य गतिविधि के कारण उसने शनिवार और रविवार को पलटवार में हमले किए थे। माना जा रहा है कि अमेरिका के इन्हीं हमलों का बदला लेने के लिए ईरान की आईआरजीसी ने कुवैत को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है।
अमेरिका लगातार कह रहा है कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ये कह रहे हैं कि ईरान से समझौता तभी हो सकता है, जब वो अपना 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम उनके देश के हवाले कर दे। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान से यूरेनियम लेकर नष्ट न किया गया, तो इस्लामी देश परमाणु बम बनाएगा और उससे दुनिया को खतरा होगा। वहीं, ईरान भी परमाणु कार्यक्रम बंद न करने पर अड़ा हुआ है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच समझौता नहीं हो पा रहा। हालांकि, दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान में एक बार आमने-सामने बातचीत कर चुके हैं। अब कुवैत पर ईरान के ताजा हमले से हालात फिर गंभीर मोड़ ले सकते हैं।
