डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया टैरिफ, 10 से 12.5 फीसदी तक की अतिरिक्त शुल्क वसूली
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 देशों पर 10 से 12.5 फीसदी तक का जबरन टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन ने इसके पीछे फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ उठाए गए कदम का हवाला दिया है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार यह टैरिफ उन देशों पर लगाया गया है जो जबरन मजदूरी से बने सामान के इम्पोर्ट पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहे हैं। इसके पीछे हमारा उद्देश्य यह है कि हर देश में कामगारों की भलाई को सुनिश्चित करना है। जिन देशों में ट्रंप ने टैरिफ लगाया है उसमें भारत भी शामिल है।
भारत को 10 फीसदी वाले टैरिफ स्लैब में रखा गया है। बताया जा रहा है कि भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच श्रम मानकों और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी को लेकर हुई द्विपक्षीय बातचीत सकारात्मक रही और इसी के चलते भारत को कम टैक्स स्लैब में रखा गया है। वहीं पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, कनाडा, इक्वाडोर, अर्जेंटीना, कंबोडिया, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, मेक्सिको, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और ब्रिटेन पर भी अमेरिका ने 10 फीसदी का टैरिफ लगाया है। जबकि कई अन्य देशों को 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत 60 व्यापारिक साझेदार मुल्कों की गहन समीक्षा की गई थी जिसके बाद यह अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया। एल्युमिनियम और स्टील जैसे वो जिन पर पहले से अलग सेक्टोरल टैरिफ लागू हैं, उन वस्तुओं को इस नए टैरिफ के दायरे से अलग रखा गया है। इसके अलावा कुछ ऊर्जा उत्पादों, उर्वरक और USMCA के तहत होने वाले व्यापार पर भी इस अतिरिक्त टैरिफ का कोई प्रभाव नहीं होगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि उसके व्यापारिक साझेदार भी फोर्स्ड लेबर के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएं।
