आस्था पर प्रहार करने वालों ने आस्थावान बनने का लिया ठेका, विपक्षी दलों पर भड़के योगी आदित्यनाथ
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2017 के पहले यूपी में दंगे होते थे, अराजकता चरम पर थी। होली, विजयादशमी, दुर्गापूजा और रामनवमी के समय दंगा, जन्माष्टमी के आयोजन को नहीं होने देते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे यानी जो उस समय आस्था पर प्रहार करते थे आज वो सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले चुके हैं। सबसे बड़े आस्थावान बन रहे हैं। जिन लोगों ने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधाएं खड़ी कीं, राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, मंदिर निर्माण के विरोध में उच्चतम न्यायालय में अपने अधिवक्ता खड़े किए आज आस्था की बात कर रहे हैं।
गोरखपुर में 995 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 14 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में योगी ने कहा, जो लोग हमेशा आपकी आस्था और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते थे, जिन्होंने अन्नदाता किसानों के हक को छीना, जिन्होंने व्यापारी और बेटी के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया, आज वो लोग जब इन मुद्दों पर बड़े-बड़े उपदेश देते हैं तो उनके उपदेश हास्यास्पद लगते हैं। हमारे नौजवानों के जीवन के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों ने जितना अत्याचार और शोषण किया, उसको शब्दों में व्यक्त करना वास्तव में इनकी सच्चाई को दिखाना होता है।
यूपी सीएम ने कहा कि 2007 से लेकर 2017 तक 10 वर्ष में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन ने प्रदेश की 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 मिलों को औने पौने दामों में बेच दिया था। नौजवानों को बेरोजगार करने का पाप किया। पहले नौकरी निकलती थी तो युवाओं के साथ सपा के लोग छल करते थे। नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा होता था। नौजवानों के साथ भेदभाव कांग्रेस और सपा ने किया। नौजवानों की नौकरियों में डकैती डाली गई।
