संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर योगी सरकार की सख्त कार्रवाई, एनएसए लगाया
संभल। यूपी के संभल में 24 नवंबर 2024 की हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगा दिया है। मोहम्मद वारिस संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और साल 2012 से दुबई में छिपे शारिक साठा का गुर्गा है। वारिस पर संभल हिंसा के दौरान हथियार मुहैया कराने और गोली मारकर दो लोगों की जान लेने का आरोप है। इससे पहले वारिस के साथी मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर भी योगी सरकार ने एनएसए लगाया था।
पुलिस का कहना है कि शारिक साठा के इशारे पर वारिस, अफरोज और गुलाम ने संभल में हिंसा की साजिश रची। संभल पुलिस ने 25 जनवरी 2025 को वारिस को पकड़ा था। इसके बाद मुल्ला अफरोज समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि, मोहम्मद गुलाम को 20 फरवरी 2025 को संभल के बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक मुल्ला अफरोज प्रॉपर्टी डीलर होने के साथ ही शारिक साठा के लिए भी काम करता था। वो दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी गाड़ियां चोरी कराता और फिर नेपाल, पश्चिम बंगाल और असम में बिकवाने का काम करता।
संभल पुलिस के मुताबिक मुल्ला अफरोज ने पूछताछ में बताया कि शारिक साठा ने हिंसा के लिए हथियार मुहैया कराए थे। उसने कहा था कि 10-20 को मार देने पर योगी सरकार और संभल प्रशासन बैकफुट पर आ जाएंगे। पुलिस के मुताबिक अफरोज ने पूछताछ में ये भी बताया कि शारिक साठा ने उससे कहा कि हमें नेताओं का पूरा समर्थन है। संभल हिंसा में फायरिंग से 4 लोगों की मौत हुई थी। विदेशी हथियार और कारतूस बरामद हुए थे। जिस वक्त हिंसा हुई, उस वक्त विवादित शाही जामा मस्जिद का कोर्ट कमिश्नर सर्वे चल रहा था। योगी सरकार ने संभल हिंसा की जांच के लिए आयोग भी बनाया था। जिसकी रिपोर्ट विधानमंडल के मॉनसून सत्र में रखे जाने की संभावना है।
