अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष से और महंगा हुआ कच्चा तेल, इस्लामी देश ने होर्मुज से जहाजों को गुजरने देने पर अब कही ये बात
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एमओयू पर दस्तखत होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें गिर रही थीं। अब दोनों के बीच फिर 13 दिन से सैन्य संघर्ष चल रहा है। जिसकी वजह से कच्चा तेल फिर महंगा हो रहा है। कच्चे तेल के भाव गुरुवार को और बढ़ गए। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 3 डॉलर प्रति बैरल महंगा हो गया। जिससे इसकी कीमत 94.07 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत में भी 1 डॉलर का इजाफा हुआ। जिससे इस कच्चे तेल के हर बैरल के दाम 87.83 डॉलर हो गए।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ईरान को होर्मुज में जहाजों पर हमले न करने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने लिखा था कि होर्मुज में हर एक जहाज पर हमले के बदले में ईरान के पुल और ऊर्जा संयंत्र को ध्वस्त किया जाएगा। ये ऊर्जा संयंत्र ईरान की राजधानी तेहरान के भी हो सकते हैं। वहीं, ईरान ने ट्रंप की ताजा चेतावनी के बाद कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को को-ऑर्डिनेशन करना पड़ेगा। ईरान के इस बयान से माना जा रहा है कि फिलहाल वो होर्मुज में और जहाजों पर हमले नहीं करेगा।
बीते दिनों ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख ने चिंता जताते हुए कहा था कि अगर होर्मुज ऐसे ही बंद रहा, तो दुनिया के सामने ऊर्जा सुरक्षा का संकट पैदा होगा। उनका ये बयान ट्रंप की ओर से लगातार किए जा रहे उन दावों के बाद आया कि होर्मुज खुला हुआ है। जबकि, ईरान ने अमेरिका की ओर से होर्मुज में तय किए रास्ते से गुजरने वाले कई जहाजों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में कई नाविकों की जान भी गई। ईरान और अमेरिका की जंग खत्म होने की आस दुनिया लगाए बैठी है। दोनों देशों ने 28 फरवरी से 39 दिन तक युद्ध लड़ा था। ईरान को अमेरिका अब तक पस्त नहीं कर सका है।
