ईरान-अमेरिका समझौते की खबर आते ही कच्चे तेल की कीमत गिरी, भारत को मिलेगी बड़ी राहत
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ शांति समझौता तय होने के एलान का कच्चे तेल के बाजार पर बड़ा असर हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की खबर मिलने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 83.96 डॉलर प्रति बैरल पर आया। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 80.25 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इससे भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। बता दें कि ईरान और अमेरिका के तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा चुकी थी।
ईरान और अमेरिका के बीच तय हुए शांति समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट फिर खुल जाएगा। इससे खाड़ी देशों से कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी फिर आने लगेगा। हालांकि, होर्मुज से जहाजों का आवागमन सामान्य होने में वक्त लगेगा। दूसरी तरफ, यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत को कच्चे तेल और गैस के प्लांट फिर शुरू करने के बाद उनसे उत्पादन सामान्य करने में भी छह से आठ महीने का वक्त लगने की संभावना है। कुल मिलाकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत हो जाते हैं, तो भी हालात युद्ध के पहले जैसे होने में एक साल का वक्त लगना तय है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि ईरान से 19 जून 2026 को शांति समझौते पर दस्तखत किए जाएंगे। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी चलेगी। ईरान ने अमेरिका से शांति समझौते के तहत अपनी तमाम शर्तें मनवा ली हैं। साथ ही उसने वादा किया है कि एनपीटी के तहत वो कभी भी परमाणु बम नहीं बनाएगा। वहीं, ईरान से समझौते के तहत अमेरिका अब उसके आंतरिक मसलों में कोई दखल नहीं दे सकेगा। साथ ही ईरान की जब्त की हुई 24 बिलियन डॉलर की संपत्ति भी वापस की जाएगी। अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के फिर से निर्माण के लिए 300 बिलियन डॉलर की योजनाएं भी लाएंगे।
