भूमि फर्जीवाड़े पर पुलिस का बड़ा प्रहार: फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने वालों को अदालत से भी नहीं मिली राहत
रविन्द्र बंसल –
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर कृषि भूमि पर कथित कब्जा करने और उसके हिस्सों को अवैध रूप से बेचने के बहुचर्चित मामले में पुलिस की लगातार और सख्त कार्रवाई जारी है। इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों माजिद अली पुत्र सादक अली और अकरम पुत्र आरिफ, निवासी ग्राम पावी सादकपुर, को न्यायालय में पेश किया गया, जहां बचाव पक्ष द्वारा जमानत की मांग किए जाने के बावजूद अदालत ने उन्हें कोई राहत नहीं दी और जमानत अर्जी खारिज करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश मानी जा रही है जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरों की जमीन पर कब्जा करने अथवा धोखाधड़ी के माध्यम से संपत्ति हड़पने जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रकरण की शुरुआत 17 जुलाई 2025 को हुई, जब वादी साबिर अली ने थाना ट्रॉनिका सिटी में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी माता की ग्राम पावी सादकपुर स्थित कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया और उसके कुछ हिस्सों को अन्य लोगों को बेच दिया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गहन विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पहले फरजाना पत्नी मोहम्मद नूर आलम और मोहम्मद मनव्वर पुत्र मोहम्मद नूर आलम, निवासी यमुना विहार, दिल्ली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बाद में विवेचना में आतिफ हसन पुत्र नूर आलम, माजिद अली पुत्र सादक अली तथा अकरम पुत्र आरिफ के नाम भी प्रकाश में आए। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि आतिफ हसन अभी भी फरार है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ और विवेचना में ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर आरोप है कि गिरोह ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि पर कब्जा किया और उसके कुछ हिस्सों का अवैध सौदा किया। पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए इससे जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी प्रकार अन्य भूमि विवादों में भी इस नेटवर्क की भूमिका रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार माजिद अली के विरुद्ध पहले से छह तथा अकरम के विरुद्ध पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, बलवा और जान से मारने की धमकी जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस ने यह भी बताया है कि दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार माजिद अली वर्ष 2022 में भी ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के एक मामले में जेल जा चुका है।
लगातार हो रही गिरफ्तारियां और अदालत द्वारा जमानत से इनकार यह संकेत देती हैं कि भूमि फर्जीवाड़े जैसे मामलों में जांच एजेंसियां और न्यायिक प्रक्रिया गंभीरता से काम कर रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि विवेचना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। भूमि खरीदने वाले लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले उसके राजस्व अभिलेख, स्वामित्व और दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें, ताकि धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके।
