मंडोला विहार में औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ, लोनी के विकास को मिलेगा नया इंजन
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की पहल से रोजगार, निवेश और कारोबार को मिलेगी रफ्तार, आसपास के गांवों की बदलेगी तस्वीर
रविन्द्र बंसल-
लोनी। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की महत्वाकांक्षी मंडोला विहार योजना अब केवल एक आवासीय परियोजना नहीं रह गई है। परिषद ने योजना के सेक्टर-21 में एमएसएमई (गैर-प्रदूषणकारी) औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की पहल कर क्षेत्र के आर्थिक विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में लोनी और पुस्ता पार क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन साबित हो सकती है।
परिषद द्वारा औद्योगिक भूखंडों की योजना शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, नोएडा या अन्य शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम हो सकती है।
इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ मंडोला, मसूदाबाद, मिलक बामला, अगरौला, नानू, पंचलोक तथा आसपास के पुस्ता पार क्षेत्र को मिलने की संभावना है। इन गांवों में रोजगार, व्यापार, परिवहन, गोदाम, पैकेजिंग, छोटे उद्योग, होटल, रेस्टोरेंट, बैंकिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों में नई गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
मंडोला विहार की भौगोलिक स्थिति भी इसे विशेष बनाती है। दिल्ली सीमा, ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र और दिल्ली–सहारनपुर एक्सप्रेसवे के निकट होने के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। बेहतर सड़क संपर्क के चलते उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में नियोजित औद्योगिक विकास होने पर उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां तेज होती हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों, ट्रांसपोर्टरों, ठेकेदारों, निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और सेवा क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। साथ ही भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में भी सकारात्मक वृद्धि देखी जा सकती है।
परिषद ने इस क्षेत्र में गैर-प्रदूषणकारी एमएसएमई उद्योगों को प्राथमिकता दी है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए औद्योगिक विकास का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, पैकेजिंग, गारमेंट, लाइट इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और अन्य स्वच्छ उद्योग यहां स्थापित होने की संभावना है।
यदि भविष्य में दिल्ली–सहारनपुर एक्सप्रेसवे, ट्रॉनिका सिटी और प्रस्तावित क्षेत्रीय संपर्क मार्गों का विकास भी इसी गति से आगे बढ़ता है, तो मंडोला विहार का औद्योगिक क्षेत्र उत्तर-पूर्वी एनसीआर में निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि वर्षों से विकास की प्रतीक्षा कर रहे लोनी क्षेत्र के लिए यह पहल केवल औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और समग्र क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
