August 1, 2026

Hind foucs news

hindi new update

ट्रंप और व्हाइट हाउस ने ईरान पर दिए बड़े हमले के संकेत, इस्लामी देश ताल ठोककर बोला-हम भी…

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान पर कोई हमला नहीं किया, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की तरफ से ऐसे बयान आए जिनसे लग रहा है कि इस्लामी देश पर फिर बड़े पैमाने पर हमला हो सकता है। वहीं, अमेरिका की किसी सैन्य कार्रवाई पर ईरान के अफसरों ने ताल ठोककर कहा कि इसके जवाब में इजरायल के अहम ठिकानों और खाड़ी देशों में अमेरिका के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को उनका देश निशाना बनाएगा। ईरानी अफसरों ने दावा किया कि उन्होंने इसके लिए तैयारी कर ली है। ईरान की आईआरजीसी ने भी दावा किया कि उसने होर्मुज में दो और जहाजों को निशाना बनाया है।

इससे पहले ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड के कैंप डेविड में अपने प्रशासन के कैबिनेट मेंबर्स के साथ बैठक की। इस बैठक में ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम बस जीतना चाहते हैं। उन पर (ईरान) बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। ट्रंप ने कहा कि एक वक्त ऐसा आएगा जब ईरान कहेगा कि अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर से उनका भरोसा उठता जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान हर बार वादे से मुकरता है। जबकि, अमेरिका से उसकी बातचीत चल रही। ट्रंप ने ईरान के नेताओं पर झूठ बोलने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने ये भी कहा कि भले अभी ईरान मजबूत दिख रहा, लेकिन फिर वो कमजोर पड़ेगा और फिर उसकी ताकत खत्म हो जाएगी।

वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बयान जारी करते हुए ईरान पर आरोप लगाया। लेविट ने कहा कि ईरान ने संघर्षविराम के लिए जून में अमेरिका के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए थे। बाद में इस समझौते को उसने तोड़ दिया। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ईरान ने कारोबारी जहाजों पर हमले किए और अमेरिका के सैनिकों की भी जान ली। लेविट ने बयान में कहा कि ईरान के इस तरह के आतंकी व्यवहार को राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने वाले। जब तक ट्रंप की नजर में ईरान सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ऐसे में ट्रंप और व्हाइट हाउस प्रवक्ता के बयान ये साफ संकेत दे रहे हैं कि अगर ईरान ने अपना रुख न बदला, तो अमेरिका इस बार और बड़ा हमला कर सकता है। बीते दिनों ही इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतनयाहू अमेरिका में ट्रंप से मिले थे। इसके बाद ही ट्रंप और व्हाइट हाउस का ये ताजा बयान आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *