रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव का नाम इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला, जानिए क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली। रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसएस) ने टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव का नाम इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया है। रूस ने आरोप लगाया है कि सोशल मैसेजिंग एप टेलीग्राम के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसी एफएसएस के मुताबिक बार-बार की चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम से ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया गया जिसका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठनों के द्वारा रूस के खिलाफ किया जा रहा है।
इससे पहले इसी साल फरवरी में रूस के सरकारी अखबार रोस्सिस्काया गजेटा की ओर से यह जानकारी दी गई थी कि पावेल डुरोव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। टेलीग्राम रूस में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक है। हालांकि देश के सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रूसी प्रशासन पहले ही टेलीग्राम पर कई प्रकार की पाबंदियां लगा चुका है। अब फेडरल सिक्योरिटी सर्विस के इस कदम के बाद टेलीग्राम के रूस में पूर्ण रूप से प्रतिबंध की आशंका बढ़ गई है। आपको बता दें कि टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव का जन्म हालांकि रूस में ही हुआ था, लेकिन साल 2021 में उन्होंने फ्रांस की नागरिकता ले ली थी।
रूसी प्रशासन अपने सरकारी मैसेजिंग ऐप MAX को बढ़ावा देने की कोशिशों में लगा हुआ है। इससे पहले भी सरकार की ओर से लोगों से देशी ऐप को अपनाने की अपील की गई थी। रूस ने पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके पीछे लोगों का पर्सनल डेटा लीक होने से बचाने और उनकी निजता को बनाए रखने का हवाला रूस की ओर से दिया गया था। इससे पहले टेलीग्राम संस्थापक पावेल को अगस्त 2024 में पेरिस एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। फ्रांस सरकार ने आरोप लगाया था कि टेलीग्राम ऐप पर बच्चों का यौन शोषण, आतंकी और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोग सक्रिय हैं।
