June 15, 2026

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टीएमसी में बगावत से बीजेपी नीत एनडीए को संसद में कितना फायदा?, यहां समझिए गणित

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी में बगावत हुई है। जिससे बीजेपी नीत एनडीए को कुछ फायदा होता दिख रहा है। टीएमसी में बगावत के कारण आने वाले वक्त में एनडीए राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, लोकसभा में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा। बीजेपी चाहती है कि परिसीमन संबंधी कई बिल संसद से पास करा ले। इसके लिए उसे संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए।

पहले बात राज्यसभा की करते हैं। अभी राज्यसभा में बीजेपी नीत एनडीए के सांसदों की संख्या 148 है। झारखंड और मिजोरम से तीन और सीटें अगर एनडीए को हासिल होती हैं, तो उसकी संख्या बढ़कर 151 हो जाएगी। टीएमसी के 3 राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया है। आने वाले वक्त में इन तीन सीटों को बीजेपी ही जीतेगी और फिर राज्यसभा में एनडीए के सांसदों की संख्या 154 हो जाएगी। जो कि राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत की संख्या 163 से 9 कम होंगी। नवंबर तक यूपी के 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल भी खत्म होगा। इनमें से कुछ सीटों पर सपा के प्रत्याशी जीतेंगे। जिससे एनडीए को ज्यादा फायदा नहीं होगा। ऐसे में डीएमके के 8, वाईएसआर कांग्रेस के 7 और बीजेडी के 6 सांसदों का साथ एनडीए को संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए चाहिए होगा।

अब बात लोकसभा की। लोकसभा में टीएमसी के 20 सांसदों ने ममता बनर्जी से बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ज्वॉइन करने का फैसला किया है। इन सभी के समर्थन के बाद लोकसभा में एनडीए सांसदों की संख्या 312 होगी। फिर भी उसके पास सदन में दो-तिहाई की संख्या 363 से 51 सीट कम होंगी। यानी परिसीमन बिल को अगर बीजेपी लोकसभा में पास कराना चाहे, तो उसे विपक्ष के खेमे में बड़ी सेंध लगानी होगी। लोकसभा में डीएमके के 22 सांसद हैं। अगर इनको भी एनडीए अपने पाले में कर ले, तो भी उसे 29 और सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में संसद के मॉनसून सत्र पर सबकी नजर है। क्योंकि बीजेपी इस सत्र में खेला की कोशिश कर सकती है।

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