राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी ने बढ़ाया जांच का दायरा, 200 लोगों को भेजा नोटिस
नई दिल्ली। राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले में गठित नई एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। चंदा चोरी के आरोप में गिरफ्तार 8 आरोपियों के परिवारीजन, सगे संबंधी, रिश्तेदार और परिचित भी जांच के घेरे में आ गए हैं। एसआईटी ने लगभग 200 लोगों को नोटिस जारी किया है। एसआईटी टीम आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के संपत्ति दस्तावेज, बैंक खाते और उनके वित्तीय लेनदेन की छानबीन कर रही है। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पहले से सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में बदलाव किया है।
अब श्रद्धालुओं को वीआईपी और विशिष्ट श्रेणी के दर्शन पास ट्रस्ट के तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट की आईडी के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय व पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की आईडी बंद होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए पास जारी होने में कोई समस्या न आए इसलिए यह फैसला किया गया है। फिलहाल ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की आईडी से नियमित रूप से दर्शन पास जारी किए जा रहे हैं। बता दें कि रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन 6 अलग-अलग टाइम स्लॉट में लगभग 1,800 दर्शन पास जारी होते हैं। हर स्लॉट का समय दो घंटे का होता है और प्रत्येक स्लॉट में तकरीबन 300 श्रद्धालुओं को पास जारी किए जाते हैं। वीआईपी और सुगम दर्शन पास भी इन्हीं स्लॉट्स में जारी होते हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने लखनऊ रेंज आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय नई एसआईटी बनाई है जिसमें डीआईजी रेंज अयोध्या सोमेन बर्मा और अयोध्या एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सीए को भी इस एसआईटी में सदस्य के तौर पर शामिल करने का निर्देश दिया है।
