ईरान युद्ध के कारण महंगाई बढ़ी, जानिए मई 2026 में कौन-कौन सी चीजों की कीमत हुई ज्यादा?
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े। इसकी वजह से पेट्रोलियम कंपनियों ने कई बार पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमत का असर महंगाई पर दिखने लगा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के मुकाबले मई के महीने में थोक महंगाई दर (WPI) में काफी इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक मई में थोक महंगाई दर उछलकर 9.68 फीसदी पर पहुंच गई। जबकि, अप्रैल में ये 8.26 फीसदी थी।
थोक महंगाई दर में उछाल की बड़ी वजह कच्चे तेल, ईंधन और बिजली की दर में हुई बढ़ोतरी है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर मई में 30.33 फीसदी रही। अप्रैल में ये 24.98 फीसदी थी। वहीं, कच्चे तेल की महंगाई दर भी अप्रैल के 56.31 फीसदी की जगह मई में बढ़कर 61.51 फीसदी हो गई। ताजा आंकड़ों के मुताबिक खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई दर भी मई में बढ़कर 3.60 फीसदी पर पहुंच गई। जबकि, अप्रैल में ये दर 2.43 फीसदी थी। वहीं, बनने वाले सामान यानी मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की महंगाई दर मई में 7.48 फीसदी रही। जबकि, अप्रैल में ये दर 6.68 फीसदी रही थी।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता तय हो गया है। दोनों देशों के बीच समझौते की खबर से कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल से लुढ़ककर 80-83 डॉलर हो गई है। अगर कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का दौर जारी रहता है और होर्मुज का रास्ता जहाजों के लिए पूरी तरह खुल जाता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी आ सकती है। जिससे महंगाई भी कम होने की संभावना बनेगी। हालांकि, पीएम नरेंद्र मोदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि विषम हालात अगले एक साल तक जारी रहने के आसार हैं।
