राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में धार्मिक समिति का पुनर्गठन, सीईओ के चयन के लिए दिया गया एक महीने का अतिरिक्त समय
नई दिल्ली। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आज संपन्न हुई। इस बैठक में हालांकि ट्रस्ट में किसी नए सदस्य की नियुक्ति नहीं की गई मगर मंदिर की व्यवस्था संचालन से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। न्यास ने मंदिर परिसर में पूजा अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए निमित धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए जो समिति गठित की गई है उसने बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा जिसे स्वीकार कर लिया गया। न्यास ने एक प्रवक्ता को नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है।
मंदिर के ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को धार्मिक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, मध्वपीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, महंत दिनेंद्र दास (निर्मोही अखाड़ा), महंत कमलनयन दास (मणिराम दास छावनी), महंत राजकुमार दास (रमावल्लभ कुंज), स्वामी रामानंद दास (रामकथा कुंज), स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण और युगपुरुष स्वामी परमानंद को बतौर सदस्य समिति में शामिल किया गया है। ट्रस्ट की बैठक के बाद बताया गया कि न्यासियों के रिक्त स्थानों को भरने के लिए अभी कुछ सप्ताह और लगेंगे।
न्यासी मंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ मंदिर में सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता जांचने की व्यवस्था को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। बैठक में स्टेट बैंक के साथ एमओयू के अंतर्गत बैंक के दायित्वों और उसके अनुपालन में बैंक की त्रुटियों पर भी चर्चा हुई। न्यासी मंडल ने न्यास की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों और मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा है। मंदिर में चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में अनियमितता की जांच कर रही एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण इस पर चर्चा नहीं की गई।
