4 राज्यों में पेपर लीक सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का काम शुरू, पीएम मोदी के एलान के साथ ही एक्शन में सरकार
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाने के लिए केंद्र सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनवाएगी। पीएम मोदी के इस एलान के साथ ही नीट यूजी समेत अलग-अलग पेपर लीक मामलों में संबंधित राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का काम शुरू हो चुका है। जानकारी के मुताबिक नीट पेपर लीक मामले में चार राज्यों में ये फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे। इनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश हैं।
न्यूज चैनल आजतक की खबर के मुताबिक इन चारों राज्यों में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव संबंधित हाईकोर्ट को भेजा जा रहा है। पेपर लीक मामले के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के रोकथाम) एक्ट के तहत केस चलाया जाएगा। ये कानून मोदी सरकार ने ही पास कराया था। कानून के तहत पेपर लीक के दोषियों को 3 से 10 साल की कैद और 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
पीएम मोदी ने पेपर लीक मामलों पर रोष जताते हुए साफ कहा है कि युवाओं का भविष्य उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे पहले बुधवार को एनडीए सांसदों की बैठक में पीएम मोदी ने पेपर लीक को ‘महापाप’ बताया था। इस साल मई में नीट यूजी का पेपर लीक हुआ था। जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराई गई।
वहीं, विपक्ष शासित तमाम राज्यों में भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं हुई थीं। पीएम मोदी हमेशा पेपर लीक के खिलाफ अपना रुख साफ करते रहे हैं। इस बार उन्होंने दोषियों को कम समय में ही सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का नया कदम भी उठाया है। इसके अलावा नीट जैसे पेपर अब क्वेश्चन बैंक से तैयार होंगे और इसका अब ऑनलाइन एक्जाम ही लिया जाएगा। इससे परीक्षा में इंसानी दखल खत्म होने के साथ ही पेपर को लीक करना असंभव होगा।
