सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह में सरेंडर करने का दिया आदेश
नई दिल्ली। अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने सोनम रघुवंशी की जमानत को रद्द कर दिया है और तीन सप्ताह में उसे पुलिस के समक्ष सरेंडर का आदेश दिया है। मेघालय के ट्रायल कोर्ट ने सोनम को जमानत दी थी। मेघालय सरकार ने जमानत को चुनौती देते हुए पहले हाईकोर्ट में अपील की थी मगर वहां सोनम की जमानत बरकरार रखी गई इसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मेघालय सरकार ने अपनी याचिका में यह दलील दी थी कि सोनम रघुवंशी को जमानत दिया जाना उचित नहीं है इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने 21 जुलाई को केस की पिछली सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी को दो विकल्प दिए थे। अदालत ने कहा था कि या तो सोनम सरेंडर कर दे या फिर कोर्ट इस केस के गुण-दोष पर विचार करने के बाद आदेश देगा। मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर सोनम की जमानत रद्द नहीं की गई तो उसके फरार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं सोनम के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था उसने आत्मसमर्पण नहीं किया था। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रिकॉर्ड और चार्जशीट में आरोपी के सरेंडर करने की बात दर्ज है।
उधर, सोनम की तरफ से कोर्ट में दाखिल जवाब में उसने खुद को बेकसूर बताया है। सोनम पर आरोप है कि उसने हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या कर दी और इस काम में उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा ने उसका साथ दिया। इंदौर निवासी राजा अपनी पत्नी सोनम के साथ मेघालय हनीमून पर गया था और वहीं मई 2025 में उसकी हत्या हुई थी। सोनम और राज के अलावा पुलिस ने तीन अन्य लोगों को इस केस में आरोपी बनाया है।
